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Sawan |  श्रावण माह के प्रमुख त्यौहार 

Sawan |  श्रावण माह के प्रमुख त्यौहार 

 Sawan श्रावण माह के त्यौहार – सावन का महीना भगवान शिव को प्रिय है। जानिए सावन सोमवार, मंगला गौरी पूजा, नाग पंचमी, तीज, रक्षाबंधन, हरियाली अमावस्या, हिंडोलोत्सव और अन्य उत्सवों का महत्व, कथा और परंपराएँ।  सावन के सोमवार (Sawan Somvar) सावन भगवान शिव का प्रिय माह है। प्रत्येक सोमवार को…

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Chandbardai | चंदबरदायी : राजस्थानी और हिंदी के प्रमुख कवि

Chandbardai | चंदबरदायी : राजस्थानी और हिंदी के प्रमुख कवि

Chandbardai चंदबरदायी – राजस्थानी और हिंदी के महान कवि। जानिए उनके जीवन, रचनाएँ, और 'पृथ्वीराज रासो' महाकाव्य पर योगदान।  जन्म और पृष्ठभूमि (Birth & Background) जाति: भट्ट (चारण) कार्यक्षेत्र: पृथ्वीराज चौहान के दरबार में राजकवि समय: पृथ्वीराज के समकालीन कवि प्रतिष्ठा: हिंदी और राजस्थानी साहित्य के आदि कवि  प्रमुख काव्य…

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Lakshmikumari Chundawat | लक्ष्मीकुमारी चूण्डावत : राजस्थानी साहित्य की प्रतिष्ठित लेखिका

Lakshmikumari Chundawat | लक्ष्मीकुमारी चूण्डावत : राजस्थानी साहित्य की प्रतिष्ठित लेखिका

Lakshmikumari Chundawat लक्ष्मीकुमारी चूण्डावत – राजस्थानी साहित्य की प्रमुख लेखिका। जानिए उनके जीवन, रचनाएँ, राजनीतिक योगदान और पुरस्कार-सम्मान।  जन्म और प्रारंभिक जीवन (Birth & Early Life) जन्म: 1916 ई., देवगढ़, मेवाड़ विवाह: रावतसर, बीकानेर भाषा: राजस्थानी राजनीतिक जीवन: राजस्थान विधानसभा सदस्य, राजस्थान कांग्रेस अध्यक्ष  प्रमुख रचनाएँ (Major Works) उपन्यास और…

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Prithviraj Rathore | पृथ्वीराज राठौड़ (पीथल) : वीर रस और भक्तिकाव्य के प्रतिष्ठित कवि

Prithviraj Rathore | पृथ्वीराज राठौड़ (पीथल) : वीर रस और भक्तिकाव्य के प्रतिष्ठित कवि

Prithviraj Rathore पृथ्वीराज राठौड़ (पीथल) – राजस्थानी काव्य के महाकवि। जानिए उनके जीवन, प्रमुख रचनाएँ और साहित्यिक योगदान।  जन्म और प्रारंभिक जीवन (Birth & Early Life) जन्म: संवत 1606, बीकानेर निधन: संवत 1656, मथुरा परिवार: बीकानेर नरेश रायसिंह के अनुज रचना शैली: वीर रस, शृंगार रस और भक्ति रस का…

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Vijaydan Detha | विजयदान देथा : राजस्थानी साहित्य के प्रख्यात लेखक

Vijaydan Detha | विजयदान देथा : राजस्थानी साहित्य के प्रख्यात लेखक

Vijaydan Detha विजयदान देथा – राजस्थानी साहित्य के प्रसिद्ध लेखक और कथाकार। जानिए उनके जीवन, प्रमुख रचनाएँ और पुरस्कार-सम्मान।  जन्म और प्रारंभिक जीवन (Birth & Early Life) जन्म: 1926 ई., बोरुंदा गाँव, राजस्थान भाषा: राजस्थानी साहित्यिक यात्रा: उपन्यास, लघु कथा, लोक कथाओं का संकलन निधन: 2013 ई.  प्रमुख रचनाएँ (Major…

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Jan Kavi | जान कवि : जीवन परिचय एवं रचनाएँ

Jan Kavi जान कवि जीवन परिचय – फतेहपुर शेखावटी के न्यामत खां उर्फ जान कवि की प्रमुख रचनाएँ, भक्ति और श्रृंगार रस से ओतप्रोत ग्रंथ एवं साहित्यिक योगदान जानें।  जन्म एवं प्रारंभिक जीवन (Birth & Early Life) जन्म: फतेहपुर शेखावटी, कायमखानी नवाब अलफखां के परिवार में पिता: न्यामत खां (उपनाम:…

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 Agarchand Nahata | अगरचन्द नाहटा : जीवन परिचय एवं साहित्यिक योगदान

 Agarchand Nahata अगरचन्द नाहटा जीवन परिचय – बीकानेर के जैन परिवार के प्राचीन ग्रंथ शोधकर्ता और अभय जैन ग्रंथालय के संस्थापक। जानिए उनके योगदान, खोजी ग्रंथ और साहित्यिक उपलब्धियाँ।  परिचय (Introduction) अगरचन्द नाहटा बीकानेर के जैन परिवार के सुप्रसिद्ध ग्रंथ शोधकर्ता और संपादक थे। औपचारिक शिक्षा केवल पाँचवी तक थी,…

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Isardas |  ईसरदास : जीवन परिचय एवं रचनाएँ

 Isardas |  ईसरदास : जीवन परिचय एवं रचनाएँ

Isardas ईसरदास राजस्थान के डिंगल साहित्य के ऐसे महान कवि थे, जिन्होंने भक्ति, कर्म और ज्ञान के गहन विचारों को अपनी रचनाओं में अभिव्यक्त किया। उनका साहित्य लोक संस्कृति, शक्ति उपासना और वीर रस से सराबोर है।  जन्म एवं प्रारंभिक जीवन (Birth & Early Life) जन्म: चैत्र शुक्ल नवमी, 1538…

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BIHARIMAL | बिहारी मल जीवन परिचय – बिहारी सतसई और साहित्यिक योगदान

BIHARIMAL | बिहारी मल जीवन परिचय – बिहारी सतसई और साहित्यिक योगदान

BIHARIMAL बिहारी मल जीवन परिचय – हिंदी साहित्य के महान कवि, 'बिहारी सतसई' के रचयिता। जानिए उनका जन्म, भाषा शैली, दरबारी जीवन और साहित्यिक योगदान। 1. परिचय (Introduction) बिहारी मल हिंदी साहित्य के प्रसिद्ध कवि थे। इनकी रचना बिहारी सतसई हिंदी काव्य जगत की अनुपम कृति है। भाषा: राजस्थानी मिश्रित ब्रज।…

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दुरसा आढ़ा – जीवन और साहित्यिक योगदान

दुरसा आढ़ा – जीवन और साहित्यिक योगदान

दुरसा आढ़ा जीवन परिचय – डिंगल साहित्य के प्रसिद्ध कवि और अकबर के दरबारी कवि। जानिए उनका जन्म, प्रमुख रचनाएँ, उपाधियाँ और राजस्थान साहित्य में योगदान। 1. परिचय (Introduction) दुरसा आढ़ा डिंगल साहित्य के ख्यातिनाम कवि और वीर योद्धा थे। इनका साहित्य राजस्थान की वीरता, संस्कृति और धार्मिक भावना को…

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Komal Kothari : Rajasthan Folk Culture Icon | कोमल कोठारी : राजस्थान लोक संस्कृति के पुरोधा

Komal Kothari : Rajasthan Folk Culture Icon | कोमल कोठारी : राजस्थान लोक संस्कृति के पुरोधा

Komal Kothari biography, जन्म, कार्य और सम्मान। राजस्थान की लोककला और लोकगीतों के शोधकर्ता, पद्मभूषण, पद्मश्री और राजस्थान रत्न पुरस्कार। Main Body (मुख्य भाग) Early Life | प्रारंभिक जीवन जन्म: 1929 ई., कपासन गाँव (राजस्थान)। बचपन से ही लोकगीतों और संस्कृति में रुचि। Career and Contribution | करियर और योगदान…

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Kanhaiyalal Sethia : Dharti Dhora Ri Poet | कन्हैयालाल सेठिया : धरती धोरां री के कवि

Kanhaiyalal Sethia : Dharti Dhora Ri Poet | कन्हैयालाल सेठिया : धरती धोरां री के कवि

Kanhaiyalal Sethia जन्म, रचनाएँ और सम्मान। धरती धोरां री के कवि, पद्मविभूषण, साहित्य अकादमी पुरस्कार और राजस्थान रत्न सम्मान। Main Body (मुख्य भाग) Early Life and Education | प्रारंभिक जीवन व शिक्षा जन्म: 1919 ई., सुजानगढ़ (चूरू), राजस्थान। प्रारंभिक अवस्था से ही कविता लेखन की रुचि। बचपन में ही रमणए-रा-सोरठा…

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श्रीधर : राठौड़ नरेश रणमल के राज्याश्रित कवि

श्रीधर, 15वीं शताब्दी के कवि थे जो राठौड़ नरेश रणमल के राज्याश्रित थे। उन्होंने रणमल छंद, सप्तशती और कवित्त भागवत की रचना की। रणमल छंद इतिहास दृष्टि से अत्यंत महत्त्वपूर्ण ग्रंथ है। श्रीधर का परिचय श्रीधर पंद्रहवीं शताब्दी के प्रमुख कवि थे। वे राठौड़ नरेश रणमल के राज्याश्रित कवि थे।…

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SAMAY SUNDARसमय सुंदर : जालौर के जैन साधु और रचनाकार

SAMAY SUNDAR समय सुंदर, जालौर जिले के सांचोर कस्बे के जैन साधु थे। उन्होंने शास्त्रीय रागों पर अनेक गीतों की रचना की, जिनका संकलन 'समय सुंदर रास पंचक' और 'समय सुंदर कृत कुसुमांजलि' के रूप में प्रसिद्ध है। समय सुंदर का परिचय समय सुंदर जैन साधु थे। इनकी कर्मस्थली राजस्थान…

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Sharangdhar शारंगधर : हम्मीर रासो और शारंगधर संहिता के रचयिता

Sharangdhar शारंगधर, राघव देव का पौत्र और दामोदर का पुत्र था। उसने हम्मीर रासो और शारंगधर संहिता की रचना की। उसकी सारंगधर पद्धति मध्यकालीन भारतीय संगीत और वृक्षायुर्वेद का प्रमुख आधार है। शारंगधर का परिचय शारंगधर, रणथम्भौर के शासक  हम्मीर के गुरु राघव देव का पौत्र तथा दामोदर का पुत्र था।…

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अमरनाथ जोगी और कडाणा की लड़ाई की वीर गाथा

Amarnath jogi अमरनाथ जोगी ने कडाणा की लड़ाई में शहीद हुए वीर गलालसिंह की कथा को गीतबद्ध किया। जानिए कैसे इस लोकगाथा पर उन्हें डूंगरपुर महारावल से जागीर मिली। अमरनाथ जोगी कौन थे? अमरनाथ जोगी ठाकरड़ा गांव के निवासी थे। वे लोककवि और गायक थे जिन्होंने राजस्थान की वीर परंपरा…

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Dr. Sitaram Lalas : Rajsthani Jubaan Ki Mashaal | डॉ. सीताराम लालस : राजस्थानी जुबां की मशाल

Dr. Sitaram Lalas : Rajsthani Jubaan Ki Mashaal | डॉ. सीताराम लालस : राजस्थानी जुबां की मशाल

Dr. Sitaram Lalas biography, जन्म, योगदान और उपलब्धियाँ। राजस्थानी भाषा का शब्द-कोश रचयिता, पद्मश्री सम्मानित, "राजस्थानी जुबां की मशाल"। Main Body (मुख्य भाग) Early Life and Education | प्रारंभिक जीवन व शिक्षा जन्म: 25 नवम्बर 1912, ननिहाल सिरवाड़ी ग्राम, बाड़मेर जिला। मूल निवास: नरेवा ग्राम, जोधपुर। शिक्षा: आठवीं तक पढ़ाई,…

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Dilwara Jain Temples, Mount Abu | दिलवाड़ा जैन मंदिर – स्थापत्य कला का अद्भुत चमत्कार

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Dilwara Jain Temples, माउंट आबू (राजस्थान) के विश्वप्रसिद्ध जैन मंदिर हैं। इनमें विमलवसही (आदिनाथ) और लूणवसही (नेमिनाथ) मंदिर अपनी सूक्ष्म नक्काशी और स्थापत्य कला के लिए जाने जाते हैं। यहाँ पाँच मंदिरों का समूह है जो भारत की शिल्पकला की पराकाष्ठा को दर्शाते हैं। परिचय / Introduction दिलवाड़ा के जैन…

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Deepawali : Festival of Lights | दीपावली – दीपों का पर्व और आध्यात्मिक उजियारा

Deepawali : Festival of Lights | दीपावली – दीपों का पर्व और आध्यात्मिक उजियारा

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Deepawali भारत का सबसे बड़ा और लोकप्रिय पर्व है। यह उत्सव अंधकार से प्रकाश, बुराई से अच्छाई और अज्ञान से ज्ञान की ओर बढ़ने का प्रतीक है। जानिए दीपावली का इतिहास, धार्मिक महत्व, परंपराएँ और आधुनिक युग में इसका महत्व। Introduction / परिचय दीपावली, जिसे ‘दीपोत्सव’ भी कहा जाता है,…

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Ranakpur Jain Temple (रणकपुर जैन मंदिर): खंभों का अजायबघर और चतुर्मुख जिनप्रासाद

Ranakpur Jain Temple (रणकपुर जैन मंदिर): खंभों का अजायबघर और चतुर्मुख जिनप्रासाद

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Ranakpur Jain Temple राजस्थान के पाली जिले में स्थित "खंभों का अजायबघर" है, जिसमें 1444 स्तम्भ, 84 शिखर और चौमुखा मंदिर इसकी विशेष पहचान हैं।  Introduction (परिचय) Ranakpur Jain Temple (रणकपुर जैन मंदिर) राजस्थान के पाली जिले में स्थित है। संवत् 1446 में प्रसिद्ध शिल्पकार देपा के निर्देशन में निर्माण…

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Rishabhdev Temple Dhulev (Kesariyaji/Kesariyanathji) धूलेव का ऋषभदेव मंदिर (केसरियाजी/केसरियानाथजी), उदयपुर

Rishabhdev Temple Dhulev (Kesariyaji/Kesariyanathji) धूलेव का ऋषभदेव मंदिर (केसरियाजी/केसरियानाथजी), उदयपुर

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Rishabhdev Temple Dhulev (Kesariyaji/Kesariyanathji) धूलेव का ऋषभदेव मंदिर उदयपुर से 64 कि.मी. दूर स्थित एक प्राचीन आस्था स्थल है। यहाँ भगवान ऋषभदेव की श्यामवर्णी प्रतिमा है जिसे ‘केसरियाजी’, ‘केसरियानाथजी’ और स्थानीय भील समाज ‘कालाजी’ के रूप में पूजता है। दिगम्बर, श्वेताम्बर, वैष्णव, शैव और भील समुदाय यहाँ पूर्ण श्रद्धा के…

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तनोट माता मंदिर : भारत-पाक सीमा पर आस्था का अद्भुत केंद्र

तनोट माता मंदिर : भारत-पाक सीमा पर आस्था का अद्भुत केंद्र

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तनोट माता मंदिर जैसलमेर, राजस्थान में स्थित एक प्रसिद्ध शक्ति पीठ है। यह मंदिर भारत-पाक सीमा के निकट स्थित है और 1965 व 1971 के युद्ध के दौरान यहाँ गिरे बम निष्फल रहे। यह श्रद्धा, चमत्कार और देशभक्ति का प्रतीक माना जाता है। परिचय स्थान: जैसलमेर, राजस्थान देवी: तनोट राय…

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श्रीमहावीरजी करौली: जैन तीर्थ स्थल और महावीर जयंती मेले का प्रमुख केन्द्र

श्रीमहावीरजी करौली: जैन तीर्थ स्थल और महावीर जयंती मेले का प्रमुख केन्द्र

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श्रीमहावीरजी करौली जैन श्रावक अमरचन्द बिलाला द्वारा निर्मित प्रसिद्ध तीर्थ है। महावीर जयंती पर यहां चार दिवसीय मेला और जिनेन्द्र रथ यात्रा इसका मुख्य आकर्षण है। 1. श्रीमहावीरजी करौली का परिचय स्थान: करौली जिला, राजस्थान जैन धर्म का अत्यंत प्रसिद्ध तीर्थ सभी वर्ग और धर्मों के लोग श्रद्धा से दर्शन…

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राजस्थान के प्रमुख सूर्य मंदिर Sun Temple : सौर सम्प्रदाय और प्राचीन सूर्य उपासना की धरोहर

राजस्थान के प्रमुख सूर्य मंदिर Sun Temple : सौर सम्प्रदाय और प्राचीन सूर्य उपासना की धरोहर

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राजस्थान के प्रमुख सूर्य मंदिर Sun Temple जैसे चित्तौड़ दुर्ग का सूर्य मंदिर, गंगधार, रणकपुर, ओसियां, झालावाड़ और बांसवाड़ा के मंदिर प्राचीन सौर सम्प्रदाय की उपासना, स्थापत्य कला और वैदिक परंपरा के अद्भुत उदाहरण हैं। 1. सूर्य उपासना का वैदिक आधार सूर्य को अर्घ्य देना पूजा का सबसे प्राचीन और…

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राजस्थान के प्रमुख सूर्य मंदिर Sun Temple: प्राचीन सौर सम्प्रदाय की धरोहर

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राजस्थान के प्रमुख सूर्य मंदिर Sun Temple जैसे चित्तौड़ दुर्ग का सूर्य मंदिर, गंगधार, रणकपुर और ब्राह्मण स्वामी मंदिर भारत की प्राचीन सौर उपासना और संस्कृति के अद्भुत उदाहरण हैं। 1. सूर्य उपासना का इतिहास सूर्य को अर्घ्य देने की परंपरा वैदिक काल से द्वितीय शती ई. पूर्व में मूर्ति-पूजन…

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