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Kanhaiyalal Sethia : Dharti Dhora Ri Poet | कन्हैयालाल सेठिया : धरती धोरां री के कवि

Kanhaiyalal Sethia : Dharti Dhora Ri Poet | कन्हैयालाल सेठिया : धरती धोरां री के कवि

Kanhaiyalal Sethia जन्म, रचनाएँ और सम्मान। धरती धोरां री के कवि, पद्मविभूषण, साहित्य अकादमी पुरस्कार और राजस्थान रत्न सम्मान।

Main Body (मुख्य भाग)

Early Life and Education | प्रारंभिक जीवन व शिक्षा

जन्म: 1919 ई., सुजानगढ़ (चूरू), राजस्थान।

प्रारंभिक अवस्था से ही कविता लेखन की रुचि।

बचपन में ही रमणए-रा-सोरठा लिखा।

Major Works | प्रमुख रचनाएँ

1. पातल और पीथल – राष्ट्र प्रसिद्ध कविता।

2. लीलटांस – साहित्य अकादमी पुरस्कार (1976)।

3. धरती धोरां री – राजस्थान की पहचान बनी।

4. निरपत्त आंगणियु, केशरिया बाना, रोहिड़ा, जौहर रा साखी, खेजड़ी – शौर्य और बलिदान पर आधारित।

5. अग्निवीणा – सामन्ती जुल्म के खिलाफ आवाज़।

6. किन घड़ियों में बेसुध सोये मारवाड़ के सपूत – युवाशक्ति को ललकारने वाली रचना।

7. जमीन-रो-धणी कुण, मींझर, तुम्हें सौगन्ध है सिरोही के वीरों की – सामाजिक समस्याओं की ओर संकेत।

8. निर्ग्रन्थ (हिंदी) – मूर्तिदेवी साहित्य पुरस्कार (1988)।

Recognition and Honors | सम्मान और उपलब्धियाँ

✅ साहित्य अकादमी पुरस्कार – 1976 (लौलटांस)

✅ मूर्तिदेवी साहित्य पुरस्कार – 1988 (निर्ग्रन्थ)

✅ पद्मश्री – 2004

✅ पद्मविभूषण – 2004

✅ राष्ट्रपति स्वर्ण कमल – धरती धोरां री पर नृत्य नाटिका हेतु

✅ राजस्थान रत्न पुरस्कार (प्रथम) – 2012 (मरणोपरांत)

Artistic Influence | कलात्मक प्रभाव

धरती धोरां री पर कौशल भार्गव ने नृत्य नाटिका प्रस्तुत की।

देश-विदेश में राजस्थान की भव्य सांस्कृतिक छवि स्थापित।

Later Life and Death | अंतिम जीवन व निधन

जीवन भर साहित्य, समाज और भाषा को समर्पित।

निधन: 2008 ई.

मरणोपरांत 2012 में राजस्थान रत्न से सम्मानित।

सारांश

कन्हैयालाल सेठिया राजस्थान के महान कवि और साहित्यकार थे, जिन्होंने हिंदी और राजस्थानी दोनों भाषाओं में साहित्य को समृद्ध किया। 1919 ई. में सुजानगढ़ (चूरू) में जन्मे सेठिया जी ने बचपन से ही कविताएँ लिखना शुरू कर दिया था। उनकी रचना पातल और पीथल राष्ट्रीय स्तर पर प्रसिद्ध हुई। राजस्थानी कविता संग्रह लौलटांस के लिए उन्हें 1976 में साहित्य अकादमी पुरस्कार मिला। उनकी अमर कृति धरती धोरां री ने राजस्थान की सांस्कृतिक पहचान को नई ऊँचाई दी। इसी कृति पर आधारित नृत्य-नाटिका को राष्ट्रपति स्वर्ण कमल सम्मान प्राप्त हुआ। सेठिया जी ने अपनी कविताओं से समाजिक बुराइयों, सामन्ती अत्याचार और युवाशक्ति को जागृत करने का कार्य किया। हिंदी कृति निर्ग्रन्थ के लिए उन्हें 1988 में मूर्तिदेवी साहित्य पुरस्कार भी मिला। भारत सरकार ने उन्हें पद्मश्री और पद्मविभूषण से सम्मानित किया। 2008 में उनके निधन के बाद 2012 में उन्हें राजस्थान रत्न सम्मान से अलंकृत किया गया। वे न केवल कवि बल्कि समाज और संस्कृति के प्रहरी थे।

Facts Table (तथ्य तालिका)

तथ्य

 विवरण

जन्म 1919, सुजानगढ़ (चूरू)
प्रमुख कृति धरती धोरां री
पुरस्कार साहित्य अकादमी (1976), मूर्तिदेवी (1988)
राष्ट्रीय सम्मान पद्मश्री (2004), पद्मविभूषण (2004), मरणोपरांत राजस्थान रत्न (2012)
निधन  2008

FAQs (अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न)

1. कन्हैयालाल सेठिया कौन थे?

वे आधुनिक काल के हिंदी और राजस्थानी भाषा के प्रसिद्ध कवि थे।

2. कन्हैयालाल सेठिया का जन्म कब और कहाँ हुआ?

उनका जन्म 1919 ई. में सुजानगढ़ (चूरू) में हुआ।

3. उनकी राष्ट्र प्रसिद्ध रचना कौन-सी है?

पातल और पीथल उनकी राष्ट्र प्रसिद्ध कविता है।

4. सेठिया जी की प्रसिद्ध रचना “धरती धोरां री” का क्या महत्व है?

यह कविता राजस्थान की सांस्कृतिक पहचान बन गई और देश-विदेश में प्रस्तुत की गई।

5. सेठिया जी को साहित्य अकादमी पुरस्कार किस रचना पर मिला?

1976 में उन्हें लौलटांस काव्य संग्रह पर यह पुरस्कार मिला।

6. सेठिया जी ने किस रचना से सामन्ती जुल्म का विरोध किया?

अग्निवीणा और किन घड़ियों में बेसुध सोये मारवाड़ के सपूत से उन्होंने विरोध जताया।

7. उनकी हिंदी भाषा की कौन-सी रचना पुरस्कार से सम्मानित हुई?

निर्ग्रन्थ को 1988 में मूर्तिदेवी साहित्य पुरस्कार मिला।

8. भारत सरकार ने उन्हें कौन-कौन से सम्मान दिए?

पद्मश्री (2004) और पद्मविभूषण (2004)।

9. कन्हैयालाल सेठिया का निधन कब हुआ?

उनका निधन 2008 में हुआ।

10. मरणोपरांत उन्हें कौन-सा सम्मान मिला?

उन्हें 2012 में राजस्थान रत्न पुरस्कार प्रदान किया गया।

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