Dilwara Jain Temples, Mount Abu | दिलवाड़ा जैन मंदिर – स्थापत्य कला का अद्भुत चमत्कार

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Dilwara Jain Temples, माउंट आबू (राजस्थान) के विश्वप्रसिद्ध जैन मंदिर हैं। इनमें विमलवसही (आदिनाथ) और लूणवसही (नेमिनाथ) मंदिर अपनी सूक्ष्म नक्काशी और स्थापत्य कला के लिए जाने जाते हैं। यहाँ पाँच मंदिरों का समूह है जो भारत की शिल्पकला की पराकाष्ठा को दर्शाते हैं। परिचय / Introduction दिलवाड़ा के जैन…

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Ranakpur Jain Temple (रणकपुर जैन मंदिर): खंभों का अजायबघर और चतुर्मुख जिनप्रासाद

Ranakpur Jain Temple (रणकपुर जैन मंदिर): खंभों का अजायबघर और चतुर्मुख जिनप्रासाद

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Ranakpur Jain Temple राजस्थान के पाली जिले में स्थित "खंभों का अजायबघर" है, जिसमें 1444 स्तम्भ, 84 शिखर और चौमुखा मंदिर इसकी विशेष पहचान हैं।  Introduction (परिचय) Ranakpur Jain Temple (रणकपुर जैन मंदिर) राजस्थान के पाली जिले में स्थित है। संवत् 1446 में प्रसिद्ध शिल्पकार देपा के निर्देशन में निर्माण…

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Rishabhdev Temple Dhulev (Kesariyaji/Kesariyanathji) धूलेव का ऋषभदेव मंदिर (केसरियाजी/केसरियानाथजी), उदयपुर

Rishabhdev Temple Dhulev (Kesariyaji/Kesariyanathji) धूलेव का ऋषभदेव मंदिर (केसरियाजी/केसरियानाथजी), उदयपुर

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Rishabhdev Temple Dhulev (Kesariyaji/Kesariyanathji) धूलेव का ऋषभदेव मंदिर उदयपुर से 64 कि.मी. दूर स्थित एक प्राचीन आस्था स्थल है। यहाँ भगवान ऋषभदेव की श्यामवर्णी प्रतिमा है जिसे ‘केसरियाजी’, ‘केसरियानाथजी’ और स्थानीय भील समाज ‘कालाजी’ के रूप में पूजता है। दिगम्बर, श्वेताम्बर, वैष्णव, शैव और भील समुदाय यहाँ पूर्ण श्रद्धा के…

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तनोट माता मंदिर : भारत-पाक सीमा पर आस्था का अद्भुत केंद्र

तनोट माता मंदिर : भारत-पाक सीमा पर आस्था का अद्भुत केंद्र

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तनोट माता मंदिर जैसलमेर, राजस्थान में स्थित एक प्रसिद्ध शक्ति पीठ है। यह मंदिर भारत-पाक सीमा के निकट स्थित है और 1965 व 1971 के युद्ध के दौरान यहाँ गिरे बम निष्फल रहे। यह श्रद्धा, चमत्कार और देशभक्ति का प्रतीक माना जाता है। परिचय स्थान: जैसलमेर, राजस्थान देवी: तनोट राय…

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श्रीमहावीरजी करौली: जैन तीर्थ स्थल और महावीर जयंती मेले का प्रमुख केन्द्र

श्रीमहावीरजी करौली: जैन तीर्थ स्थल और महावीर जयंती मेले का प्रमुख केन्द्र

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श्रीमहावीरजी करौली जैन श्रावक अमरचन्द बिलाला द्वारा निर्मित प्रसिद्ध तीर्थ है। महावीर जयंती पर यहां चार दिवसीय मेला और जिनेन्द्र रथ यात्रा इसका मुख्य आकर्षण है। 1. श्रीमहावीरजी करौली का परिचय स्थान: करौली जिला, राजस्थान जैन धर्म का अत्यंत प्रसिद्ध तीर्थ सभी वर्ग और धर्मों के लोग श्रद्धा से दर्शन…

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राजस्थान के प्रमुख सूर्य मंदिर Sun Temple : सौर सम्प्रदाय और प्राचीन सूर्य उपासना की धरोहर

राजस्थान के प्रमुख सूर्य मंदिर Sun Temple : सौर सम्प्रदाय और प्राचीन सूर्य उपासना की धरोहर

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राजस्थान के प्रमुख सूर्य मंदिर Sun Temple जैसे चित्तौड़ दुर्ग का सूर्य मंदिर, गंगधार, रणकपुर, ओसियां, झालावाड़ और बांसवाड़ा के मंदिर प्राचीन सौर सम्प्रदाय की उपासना, स्थापत्य कला और वैदिक परंपरा के अद्भुत उदाहरण हैं। 1. सूर्य उपासना का वैदिक आधार सूर्य को अर्घ्य देना पूजा का सबसे प्राचीन और…

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राजस्थान के प्रमुख सूर्य मंदिर Sun Temple : सौर सम्प्रदाय और प्राचीन सूर्य उपासना की धरोहर

राजस्थान के प्रमुख सूर्य मंदिर Sun Temple: प्राचीन सौर सम्प्रदाय की धरोहर

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राजस्थान के प्रमुख सूर्य मंदिर Sun Temple जैसे चित्तौड़ दुर्ग का सूर्य मंदिर, गंगधार, रणकपुर और ब्राह्मण स्वामी मंदिर भारत की प्राचीन सौर उपासना और संस्कृति के अद्भुत उदाहरण हैं। 1. सूर्य उपासना का इतिहास सूर्य को अर्घ्य देने की परंपरा वैदिक काल से द्वितीय शती ई. पूर्व में मूर्ति-पूजन…

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सकराय माता मंदिर सीकर : शाकंभरी देवी का इतिहास और महत्व | Sakray Mata Temple Sikar Rajasthan

सकराय माता मंदिर सीकर : शाकंभरी देवी का इतिहास और महत्व | Sakray Mata Temple Sikar Rajasthan

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सकराय माता मंदिर सीकर (राजस्थान) शेखावटी क्षेत्र का प्रमुख शक्तिपीठ है। शाकंभरी माता, खण्डेलवालों की कुल देवी, महिषासुर मर्दिनी स्वरूप और नवरात्रि के मेले के लिए प्रसिद्ध हैं। जानें इतिहास, कथा और महत्व। सकराय माता का परिचय (Introduction of Sakray Mata) नाम: सकराय माता, शाकंभरी माता स्थान: मलयकेतु पर्वत, उदयपुरवाटी…

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