Paane – पाने कला: राजस्थान की पारंपरिक देवचित्र कला

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Paane – पाने कला राजस्थान की पारंपरिक लोककला है जिसमें कागज़ पर देवताओं के चित्र बनाकर पूजा की जाती है। यह शुभता और समृद्धि का प्रतीक है।

1. Introduction – परिचय

पाने राजस्थान की एक धार्मिक लोककला है।

यह त्यौहारों और मांगलिक अवसरों पर बनाई जाती है।

पाने का अर्थ है कागज़ पर देवताओं के चित्र बनाना और पूजा करना।

2. Deities Depicted – पूज्य देवता

1. गणेशजी

2. लक्ष्मीजी

3. रामदेवजी

4. गोगाजी

5. तेजाजी

6.राम, कृष्ण, शिव-पार्वती

7. देवनारायणजी, श्रीनाथजी

3. Method – बनाने की विधि

पाने साधारण कागज़ पर मोटी काली रेखाओं से बनाए जाते हैं।

दीपावली पर लक्ष्मीजी का पाना सर्वाधिक लोकप्रिय है।

श्रीनाथजी का पाना कलात्मक रूप से श्रेष्ठ है, जिसमें चौबीस श्रृंगार चित्रित होते हैं।

इन्हें दीवारों पर चिपका कर पूजा की जाती है।

4. Cultural Importance – सांस्कृतिक महत्व

पाने केवल कला नहीं बल्कि शुभता, समृद्धि और आनंद के प्रतीक हैं।

ये लोकविश्वास, आस्था और धार्मिकता के मिश्रण से उत्पन्न हैं।

हर पर्व पर इन्हें बनाना सांस्कृतिक निरंतरता का प्रतीक है।

सारांश (Summary)

राजस्थान की पाने कला एक विशुद्ध धार्मिक लोककला है, जो आम जनता की आस्था और सृजनशीलता का सुंदर संगम प्रस्तुत करती है। इसमें कागज पर मोटी रेखाओं से देवताओं के चित्र बनाए जाते हैं और इनका पूजन मांगलिक अवसरों व त्यौहारों पर किया जाता है। गणेशजी, लक्ष्मीजी, तेजाजी, श्रीनाथजी आदि देवताओं के पाने विशेष रूप से प्रसिद्ध हैं। दीपावली पर लक्ष्मीजी के पाने का प्रयोग शुभता और समृद्धि का प्रतीक माना जाता है, वहीं श्रीनाथजी का पाना अपने सौंदर्य और चौबीस श्रृंगारों के कारण अद्वितीय है। यह कला केवल चित्र नहीं, बल्कि एक धार्मिक भावभूमि है जो लोकजीवन में मंगल, श्रद्धा और सामाजिक एकता का संदेश देती है।

Facts Table (तथ्य तालिका)

तथ्य 

 विवरण

कला का प्रकार  धार्मिक लोककला
माध्यम  कागज
प्रमुख देवता  गणेशजी, लक्ष्मीजी, श्रीनाथजी
 विशेष अवसर  दीपावली, मांगलिक पर्व
विशेषता   मोटी काली रेखाओं से देवचित्रण
प्रमुख क्षेत्र   राजस्थान
धार्मिक उद्देश्य  शुभता और समृद्धि की कामना

FAQs (अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न)

Q1. पाने क्या है?

कागज पर देवचित्र बनाने की पारंपरिक कला।

Q2. पाने कहाँ प्रचलित हैं?

राजस्थान में।

Q3. पाने कब बनाए जाते हैं?

त्यौहारों और मांगलिक अवसरों पर।

Q4. पाने किन देवताओं के बनाए जाते हैं?

गणेशजी, लक्ष्मीजी, रामदेवजी, श्रीनाथजी आदि।

Q5. दीपावली पर कौन सा पाना लोकप्रिय है?

लक्ष्मीजी का पाना।

Q6. श्रीनाथजी के पाने की क्या विशेषता है?

चौबीस श्रृंगारों का सुंदर चित्रण।

Q7. पाने का मुख्य उद्देश्य क्या है?

शुभता और समृद्धि की प्राप्ति।

Q8. पाने किस सामग्री पर बनाए जाते हैं?

साधारण कागज़ पर।

Q9. पाने का प्रयोग कैसे किया जाता है?

दीवारों पर चिपकाकर पूजा में किया जाता है।

Q10. पाने कला को किस प्रकार की कला कहा जा सकता है?

धार्मिक लोककला।

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