Bhinmal, Jalore राजस्थान का प्राचीन नगर है जहाँ 1953–54 में खुदाई में शक क्षत्रपों के सिक्के और यूनानी सुराही मिली, जिससे इसका द्वितीय शताब्दी ई.पू. का सांस्कृतिक इतिहास स्पष्ट होता है।
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Toggle1. Introduction – परिचय
भीनमाल, राजस्थान के जालौर जिले में स्थित एक प्राचीन नगर है।
ऐतिहासिक रूप से यह नगर भारत की प्राचीन सभ्यता और विदेशी प्रभाव के अध्ययन के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण माना जाता है।
प्राचीन काल में इसे “श्रिमाल नगर” के नाम से भी जाना जाता था।
2. Excavation Details – खुदाई के विवरण
1. खुदाई का कार्य 1953–54 ई. में किया गया।
2. खुदाई रतनचन्द्र अग्रवाल के निर्देशन में संपन्न हुई।
3. खुदाई का उद्देश्य प्राचीन सांस्कृतिक जीवन और व्यापारिक गतिविधियों का अध्ययन था।
3. Archaeological Findings – पुरातात्विक खोजें
खुदाई में मृद्भाण्ड (Pottery) और शक क्षत्रपों के सिक्के प्राप्त हुए।
सिक्कों की उपस्थिति से यह अनुमान लगाया गया कि यह क्षेत्र द्वितीय शताब्दी ईसा पूर्व में आबाद था।
खुदाई से एक यूनानी दुहत्थी सुराही (Double-handled Greek Jar) भी मिली।
4. Cultural Significance – सांस्कृतिक महत्व
भीनमाल ने राजस्थान की प्रारंभिक सभ्यता को उजागर किया।
यह नगर प्राचीन काल में व्यापार, कला और ज्ञान का केंद्र था।
शक क्षत्रपों के सिक्कों से यहाँ की विदेशी व्यापारिक संबंधों की पुष्टि होती है।
5. Foreign Influence – विदेशी प्रभाव
यहाँ के मृद्भाण्डों (Pottery) पर विदेशी प्रभाव स्पष्ट रूप से देखा गया है।
यूनानी शैली की वस्तुओं की उपस्थिति से यह सिद्ध होता है कि भीनमाल में ग्रीक-संस्कृति का प्रभाव था।
यह क्षेत्र भारत-विदेश सांस्कृतिक संगम का उत्कृष्ट उदाहरण है।
सारांश (Summary )
भीनमाल, जालौर का यह प्राचीन नगर राजस्थान के सांस्कृतिक इतिहास का महत्वपूर्ण अध्याय है। यहाँ 1953–54 में रतनचन्द्र अग्रवाल द्वारा की गई खुदाई में मृद्भाण्ड, शक क्षत्रपों के सिक्के और यूनानी सुराही प्राप्त हुईं, जो द्वितीय शताब्दी ईसा पूर्व की सांस्कृतिक समृद्धि को दर्शाती हैं। यहाँ के मृपात्रों पर विदेशी प्रभाव स्पष्ट रूप से दिखता है, जिससे यह सिद्ध होता है कि उस समय भीनमाल का संपर्क यूनानी सभ्यता से था। यह नगर न केवल राजस्थान की प्राचीनता को उजागर करता है, बल्कि भारतीय उपमहाद्वीप में विदेशी प्रभाव और व्यापारिक आदान-प्रदान का भी प्रमाण देता है। इस प्रकार भीनमाल का इतिहास भारत की सांस्कृतिक विविधता और प्राचीन सभ्यता के विकास में अमूल्य योगदान प्रस्तुत करता है।
Facts Table (तथ्य तालिका)
तथ्य |
विवरण |
| खुदाई वर्ष | 1953–54 ई. |
| खुदाई के निर्देशक | रतनचन्द्र अग्रवाल |
| प्रमुख खोजें | मृद्भाण्ड, शक क्षत्रपों के सिक्के, यूनानी सुराही |
| अनुमानित काल | द्वितीय शताब्दी ईसा पूर्व |
| सांस्कृतिक विशेषता | विदेशी (यूनानी) प्रभाव स्पष्ट |
FAQs (अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न)
1. Where is Bhinmal located? / भीनमाल कहाँ स्थित है?
भीनमाल राजस्थान के जालौर जिले में स्थित है।
2. Excavation in Bhinmal was conducted in which year? / खुदाई कब की गई थी?
1953–54 ई. में।
3. Who supervised the Bhinmal excavation? / खुदाई का निर्देशन किसने किया?
रतनचन्द्र अग्रवाल ने।
4. What items were found in Bhinmal excavation? / खुदाई में क्या मिला?
मृद्भाण्ड, शक क्षत्रपों के सिक्के और यूनानी सुराही।
5. What is the historical period of Bhinmal? / भीनमाल किस काल का नगर है?
द्वितीय शताब्दी ईसा पूर्व का।
6. What foreign influence is seen in Bhinmal? / विदेशी प्रभाव किसका है?
यूनानी (Greek) प्रभाव।
7. What do Shaka Kshatrap coins indicate? / शक क्षत्रपों के सिक्के क्या दर्शाते हैं?
यह विदेशी व्यापारिक और सांस्कृतिक संबंधों का प्रमाण हैं।
8. What was the ancient name of Bhinmal? / भीनमाल का प्राचीन नाम क्या था?
श्रिमाल नगर।
9. Which archaeologist directed Bhinmal excavation? / खुदाई किस पुरातत्ववेत्ता ने की?
रतनचन्द्र अग्रवाल।
10. What is Bhinmal famous for? / भीनमाल किसलिए प्रसिद्ध है?
इसके प्राचीन सांस्कृतिक अवशेषों और विदेशी प्रभाव के लिए।
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