Sunari Jhunjhunu – सुनारी, झुंझुनूं : भारत की प्राचीनतम लौह भट्टियाँ और वैदिक आर्य बस्ती

  • Post author:
  • Post category:sabhyata

Sunari Jhunjhunu भारत की प्राचीनतम लौह भट्टियों वाला स्थल है, जहाँ मौर्यकालीन लोहे के औज़ार, मातृदेवी की मूर्तियाँ और वैदिक आर्य बस्ती के प्रमाण मिले हैं।

1. Introduction – परिचय

सुनारी (Sunari) राजस्थान के झुंझुनूं जिले की खेतड़ी तहसील में कांटली नदी के तट पर स्थित एक प्रमुख पुरातात्विक स्थल है।

यहाँ भारत की सबसे प्राचीन लौह भट्टियाँ (Iron Furnaces) मिली हैं।

यह स्थल भारतीय लौह युगीन सभ्यता (Iron Age Civilization) का उत्कृष्ट उदाहरण है।

2. Location and Discovery – स्थान और खोज

1. सुनारी गाँव झुंझुनूं जिले के खेतड़ी क्षेत्र में स्थित है।

2. स्थल की खुदाई में लौह अयस्क से धातु निर्माण की भट्टियाँ प्राप्त हुईं।

3. इन भट्टियों का निर्माण उन्नत वैदिक तकनीक से किया गया था, जिनमें तापमान नियंत्रित करने हेतु धौंकनी प्रणाली (Bellows System) थी।

3. Excavation Details – उत्खनन विवरण

खुदाई में अनेक लौह अवशेष, मृद्भाण्ड, मनके और मृणमूर्तियाँ प्राप्त हुईं।

भट्टियाँ यहाँ की तकनीकी कुशलता और धातु उद्योग के विकास का प्रमाण देती हैं।

प्राप्त अवशेषों के आधार पर यह क्षेत्र मौर्यकालीन (Mauryan Period) माना गया है।

4. Findings – प्रमुख खोजें

(1) लौह निर्माण भट्टियाँ (Iron Furnaces)

ये भारत की सबसे प्राचीन भट्टियाँ मानी जाती हैं।

इनमें धौंकनी लगाने की व्यवस्था थी, जिससे तापमान नियंत्रित किया जा सके।

(2) लौह औज़ार (Iron Tools)

तीर, भाले के अग्रभाग, और लौह कटोरा मिला है।

यह दर्शाता है कि यहाँ कृषि और आखेट (hunting) दोनों प्रचलित थे।

(3) मृद्भाण्ड और मृणमूर्तियाँ (Pottery & Terracotta Figures)

कृष्ण परिमार्जित (Black Polished) मृद्भाण्ड मिले हैं।

मातृदेवी की मृणमूर्तियाँ मिली हैं, जो धार्मिक आस्था का प्रमाण हैं।

(4) आभूषण और दैनिक जीवन सामग्री (Beads & Ornaments)

मिट्टी व पत्थर के मनके, शंख की चूड़ियाँ मिली हैं।

यह उस समय की सामाजिक-आर्थिक समृद्धि को दर्शाता है।

(5) धान संग्रहण कोठा (Grain Storage Pit)

यहाँ धान संग्रहण के लिए कोठा (granary) भी मिला है, जो संगठित कृषि का संकेत है।

5. Cultural Importance – सांस्कृतिक महत्व

1. सुनारी का स्थल भारत की प्रारंभिक लौह संस्कृति का केंद्र था।

2. यहाँ के अवशेष बताते हैं कि वैदिक आर्यों ने यह बस्ती बसाई थी।

3. लौह तकनीक के साथ-साथ धार्मिक जीवन, कृषि और शिल्प का संतुलित विकास हुआ।

4. यह स्थल प्राचीन राजस्थान की वैज्ञानिक, धार्मिक और सांस्कृतिक उन्नति का उत्कृष्ट प्रमाण है।

 सारांश (Summary)

झुंझुनूं जिले के खेतड़ी तहसील में स्थित सुनारी गाँव भारतीय लौह सभ्यता का एक प्राचीन केंद्र है। यहाँ कांटली नदी के तट पर की गई खुदाई में लौह अयस्क से धातु निर्माण की भट्टियाँ मिली हैं, जो भारत की सबसे पुरानी भट्टियाँ मानी जाती हैं। इन भट्टियों में तापमान नियंत्रित करने के लिए धौंकनी की व्यवस्था थी, जो उस समय की वैज्ञानिक दक्षता को दर्शाती है। खुदाई से लौहे के तीर, भाले, कटोरे, कृष्ण परिमार्जित मृद्भाण्ड, शंख की चूड़ियाँ और मातृदेवी की मूर्तियाँ मिलीं। यहाँ धान संग्रहण का कोठा भी मिला है, जिससे पता चलता है कि यहाँ संगठित कृषि प्रणाली विकसित थी। इन प्रमाणों से यह निष्कर्ष निकाला गया कि यह बस्ती वैदिक आर्यों द्वारा बसाई गई थी। सुनारी स्थल राजस्थान ही नहीं, बल्कि भारत की प्रारंभिक लौह युगीन संस्कृति की झलक प्रस्तुत करता है।

 Facts Table (तथ्य तालिका)

तथ्य 

विवरण

स्थान खेतड़ी, झुंझुनूं (कांटली नदी तट)
प्रमुख खोज  लौह भट्टियाँ
काल मौर्ययुगीन
 मुख्य अवशेष  लौहे के तीर, भाले, कृष्ण मृद्भाण्ड
विशेषता भारत की सबसे प्राचीन लौह भट्टियाँ

 FAQs (अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न)

1. सुनारी कहाँ स्थित है?

झुंझुनूं जिले की खेतड़ी तहसील में, कांटली नदी के तट पर।

2. सुनारी किस लिए प्रसिद्ध है?

भारत की सबसे प्राचीन लौह भट्टियों के लिए।

3. यहाँ क्या-क्या अवशेष मिले हैं?

लौहे के तीर, भाले, कृष्ण मृद्भाण्ड, मातृदेवी मूर्तियाँ, मनके और चूड़ियाँ।

4. सुनारी की भट्टियाँ किस काल की हैं?

मौर्ययुगीन काल की।

5. यहाँ कौन सी तकनीक प्रयोग की गई थी?

धौंकनी प्रणाली द्वारा ताप नियंत्रित करने की तकनीक।

6. क्या सुनारी में कृषि के प्रमाण मिले हैं?

हाँ, धान संग्रहण कोठा मिला है।

7. क्या आखेट (hunting) का प्रमाण है?

हाँ, लौह तीरों से आखेट के प्रमाण मिलते हैं।

8. क्या यहाँ धार्मिक अवशेष भी मिले हैं?

हाँ, मातृदेवी की मृणमूर्तियाँ मिली हैं।

9. क्या यह स्थल वैदिक आर्यों से संबंधित है?

हाँ, माना जाता है कि यह बस्ती वैदिक आर्यों ने बसाई थी।

10. सुनारी का ऐतिहासिक महत्व क्या है?

यह स्थल भारत की प्रारंभिक लौह तकनीक और वैदिक संस्कृति का प्रमाण है।

More Information

Our Telegram Channel – GKFAST
सभ्यता
राजस्थान के लोकदेवता 
राजस्थान की लोकदेवी 
संत सम्प्रदाय 
राजस्थान के दुर्ग 
राजस्थान के poet-writer
राजस्थान के Festival
दरगाह