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तनोट माता मंदिर : भारत-पाक सीमा पर आस्था का अद्भुत केंद्र

तनोट माता मंदिर : भारत-पाक सीमा पर आस्था का अद्भुत केंद्र

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तनोट माता मंदिर जैसलमेर, राजस्थान में स्थित एक प्रसिद्ध शक्ति पीठ है। यह मंदिर भारत-पाक सीमा के निकट स्थित है और 1965 व 1971 के युद्ध के दौरान यहाँ गिरे बम निष्फल रहे। यह श्रद्धा, चमत्कार और देशभक्ति का प्रतीक माना जाता है।

परिचय

स्थान: जैसलमेर, राजस्थान

देवी: तनोट राय माता (हिंगलाज माता का अवतार मानी जाती हैं)

निर्माण: प्राचीन काल, पुनर्निर्माण जोधपुर के शासकों ने करवाया

महत्त्व: आस्था + सीमा सुरक्षा + ऐतिहासिक युद्ध चमत्कार

इतिहास

1. तनोट माता का संबंध हिंगलाज माता से माना जाता है।

2. मंदिर का उल्लेख प्राचीन लोककथाओं और भाट व चारणों की वाणी में मिलता है।

3. जोधपुर के भाटी राजपूत शासकों ने इस मंदिर को संरक्षित किया।

युद्ध और चमत्कार

1965 भारत-पाक युद्ध

पाक सेना ने तनोट क्षेत्र पर बमबारी की।

सैकड़ों बम मंदिर परिसर में गिरे पर कोई फटा नहीं।

1971 युद्ध

बीएसएफ और सेना के जवानों ने माता के आशीर्वाद से विजय प्राप्त की।

युद्ध के बाद मंदिर का प्रबंधन सीमा सुरक्षा बल (BSF) ने संभाला।

धार्मिक महत्व

माँ तनोट को रक्षक देवी माना जाता है।

श्रद्धालु यहां आकर माता से सुरक्षा और विजय की प्रार्थना करते हैं।

हर वर्ष नवरात्रि पर विशेष उत्सव होता है।

सारांश 

तनोट माता मंदिर, राजस्थान के जैसलमेर जिले में भारत-पाक सीमा के समीप स्थित एक अद्वितीय आस्था स्थल है। इस मंदिर का धार्मिक, ऐतिहासिक और सामरिक महत्व तीनों ही दृष्टियों से अत्यधिक गहन है। लोक परंपरा के अनुसार यह मंदिर हिंगलाज माता का स्वरूप माना जाता है। प्राचीन काल से ही यह स्थल भाटी राजपूत शासकों और स्थानीय लोगों की श्रद्धा का केंद्र रहा है। 1965 और 1971 के भारत-पाक युद्धों में इस मंदिर से जुड़ी चमत्कारिक घटनाओं ने इसे राष्ट्रीय स्तर पर प्रसिद्ध कर दिया। युद्ध के दौरान पाकिस्तानी सेना द्वारा गिराए गए अनेक बम यहां निष्फल हो गए, जिससे माता की दिव्यता का प्रमाण मिलता है। वर्तमान में सीमा सुरक्षा बल (BSF) इस मंदिर का प्रबंधन करता है। हर वर्ष नवरात्रि पर विशेष पूजा, भजन और उत्सव आयोजित होते हैं, जिनमें हजारों भक्त शामिल होते हैं। तनोट माता केवल एक देवी मंदिर ही नहीं, बल्कि भारतीय सैनिकों के लिए साहस और देशभक्ति का प्रतीक भी है।

Facts Table (5 Lines)

तथ्य

 विवरण

स्थान  जैसलमेर, राजस्थान
देवी  तनोट राय माता (हिंगलाज माता का स्वरूप)
युद्ध चमत्कार  1965 व 1971 में बम निष्फल
प्रबंधन   सीमा सुरक्षा बल (BSF)
प्रमुख आयोजन   नवरात्रि उत्सव, विशेष मेले

FAQs

Q1. तनोट माता मंदिर कहाँ स्थित है?

Ans: यह मंदिर राजस्थान के जैसलमेर जिले में भारत-पाक सीमा के पास स्थित है।

Q2. तनोट माता मंदिर किसके लिए प्रसिद्ध है?

Ans: 1965 और 1971 के भारत-पाक युद्धों के दौरान यहाँ गिरे बम फटने से बचने की चमत्कारिक घटना के लिए।

Q3. तनोट माता किस देवी का स्वरूप मानी जाती हैं?

Ans: हिंगलाज माता का अवतार।

Q4. तनोट माता मंदिर का प्रबंधन कौन करता है?

Ans: सीमा सुरक्षा बल (BSF)।

Q5. तनोट माता मंदिर में प्रमुख उत्सव कब मनाया जाता है?

Ans: नवरात्रि के समय।

Q6. क्या आम नागरिक मंदिर तक जा सकते हैं?

Ans: हाँ, यहाँ हर वर्ग और धर्म के लोग दर्शन हेतु आते हैं।

Q7. मंदिर का युद्ध से क्या संबंध है?

Ans: दोनों युद्धों में मंदिर पर गिरे बम नहीं फटे और सैनिकों ने विजय पाई।

Q8. क्या तनोट माता मंदिर सीमा क्षेत्र का हिस्सा है?

Ans: हाँ, यह मंदिर भारत-पाक सीमा के करीब रणनीतिक क्षेत्र में आता है।

Q9. मंदिर का ऐतिहासिक निर्माण कब हुआ?

Ans: प्राचीन काल में, बाद में भाटी राजपूतों ने पुनर्निर्माण कराया।

Q10. मंदिर को क्यों राष्ट्रीय स्तर पर खास माना जाता है?

Ans: क्योंकि यह मंदिर धर्म, आस्था और देशभक्ति तीनों का अद्वितीय संगम है।

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