Amarnath jogi अमरनाथ जोगी ने कडाणा की लड़ाई में शहीद हुए वीर गलालसिंह की कथा को गीतबद्ध किया। जानिए कैसे इस लोकगाथा पर उन्हें डूंगरपुर महारावल से जागीर मिली।
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Toggleअमरनाथ जोगी कौन थे?
अमरनाथ जोगी ठाकरड़ा गांव के निवासी थे। वे लोककवि और गायक थे जिन्होंने राजस्थान की वीर परंपरा को अपने गीतों में संजोया।
कडाणा की लड़ाई और गलालसिंह
कडाणा की लड़ाई में वीर गलालसिंह ने वीरगति पाई। यह प्रसंग राजस्थान की लोकगाथाओं में महत्वपूर्ण स्थान रखता है।
फूल का आग्रह और गीतबद्ध कथा
कालू कडाणिया की बेटी फूल ने अमरनाथ जोगी से आग्रह किया कि वह गलालसिंह की गाथा को गीत का रूप दें। जोगी ने इसे बड़े भावपूर्ण तरीके से प्रस्तुत किया।
जागीर की प्राप्ति
इस लोककथा और वीरगीत की रचना से प्रभावित होकर डूंगरपुर के महारावल ने अमरनाथ जोगी को जागीर प्रदान की।
निष्कर्ष
अमरनाथ जोगी की रचना ने न केवल वीर गलालसिंह की शहादत को अमर किया, बल्कि राजस्थान की लोकसंस्कृति को भी नई पहचान दी।
