Sharangdhar शारंगधर, राघव देव का पौत्र और दामोदर का पुत्र था। उसने हम्मीर रासो और शारंगधर संहिता की रचना की। उसकी सारंगधर पद्धति मध्यकालीन भारतीय संगीत और वृक्षायुर्वेद का प्रमुख आधार है।
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Toggleशारंगधर का परिचय
शारंगधर, रणथम्भौर के शासक हम्मीर के गुरु राघव देव का पौत्र तथा दामोदर का पुत्र था।
प्रमुख रचनाएँ
हम्मीर रासो
शारंगधर संहिता
संगीत में योगदान
शारंगधर ने अपनी संगीत पद्धति तैयार की, जिसे सारंगधर पद्धति कहा जाता है।इसमें लुप्त गान्धर्वशास्त्र का संक्षिप्त पाठ सुरक्षित है।यह मध्यकालीन भारतीय संगीत कला को समझने का मुख्य आधार है।
वृक्षायुर्वेद और पर्यावरण
शारंगधर संहिता में वृक्षायुर्वेद का संक्षिप्त रूप मिलता है।राजाओं और प्रजाजनों ने इसके आधार पर वाटिकाओं का विकास किया।इसने पर्यावरण संरक्षण में अहम योगदान दिया।योग और स्वास्थय शारंगधर संहिता में अष्टांग योग का वैज्ञानिक स्वरूप वर्णित है।यह योग स्वास्थ्य और निरापद जीवन से जोड़ता है।
निष्कर्ष
शारंगधर न केवल साहित्यकार और संगीतज्ञ था बल्कि पर्यावरण व स्वास्थ्य चिंतक भी था। उसकी रचनाएँ आज भी संगीत, आयुर्वेद और योग के अध्ययन के लिए महत्वपूर्ण आधार हैं।
पहलू विवरण
| पिता | दामोदर |
| दादा | राघव देव |
| प्रमुख ग्रंथ | हम्मीर रासो, शारंगधर संहिता |
| संगीत पद्धति | सारंगधर पद्धति |
| विशेषता | गान्धर्वशास्त्र का संक्षिप्त रूप |
| अन्य योगदान | वृक्षायुर्वेद, अष्टांग योग |
FAQs (One-word Answer)
Q1. शारंगधर का पिता कौन था?
दामोदर
Q2. शारंगधर का प्रसिद्ध ग्रंथ?
शारंगधर संहिता
Q3. संगीत पद्धति का नाम?
सारंगधर
Q4. हम्मीर रासो का लेखक?
शारंगधर
Q 5.किस शास्त्र का संक्षिप्त रूप सुरक्षित है?
गान्धर्वशास्त्र
- Q6. किस विषय से पर्यावरण जुड़ा है?
वृक्षायुर्वेद
Q7. योग का स्वरूप किससे जुड़ा है?
अष्टांग
