Chandbardai चंदबरदायी – राजस्थानी और हिंदी के महान कवि। जानिए उनके जीवन, रचनाएँ, और ‘पृथ्वीराज रासो’ महाकाव्य पर योगदान।
Page Contents
Toggle
जन्म और पृष्ठभूमि (Birth & Background)
जाति: भट्ट (चारण)
कार्यक्षेत्र: पृथ्वीराज चौहान के दरबार में राजकवि
समय: पृथ्वीराज के समकालीन कवि
प्रतिष्ठा: हिंदी और राजस्थानी साहित्य के आदि कवि
प्रमुख काव्य रचनाएँ (Major Works)
पृथ्वीराज रासो: हिंदी और राजस्थानी का प्रसिद्ध महाकाव्य
वीर रस प्रधान रचनाएँ, युद्ध और शौर्य पर आधारित
प्रसिद्ध दोहे: ‘चार बांस चौबीस गज’
इस दोहे के अनुसार, पृथ्वीराज ने मोहम्मद गौरी को मार डाला था
साहित्यिक योगदान (Literary Contribution)
राजस्थानी और हिंदी दोनों भाषाओं में कविताएँ लिखीं
चारण परंपरा के अनुसार राजा के मित्र और सलाहकार भी थे
वीरता, शौर्य और युद्धकला का साहित्य में सुंदर चित्रण
सारांश (Summary)
चंदबरदायी राजस्थानी और हिंदी साहित्य के महान कवि और भट्ट जाति के चारण थे। वे पृथ्वीराज चौहान के समकालीन थे और उनके दरबार में राजकवि के रूप में कार्यरत थे। चंदबरदायी का सबसे प्रसिद्ध ग्रंथ पृथ्वीराज रासो है, जो हिंदी और राजस्थानी दोनों भाषाओं में उपलब्ध है। इस महाकाव्य में वीर रस, शौर्य और युद्धकला का सुंदर चित्रण मिलता है। उनके दोहे ‘चार बांस चौबीस गज’ ने इतिहास में विशेष स्थान पाया है, जिसके अनुसार पृथ्वीराज ने मोहम्मद गौरी को युद्ध में मारा। चंदबरदायी ने न केवल साहित्यिक दृष्टि से योगदान दिया, बल्कि अपनी कविताओं और ग्रंथों के माध्यम से राजस्थानी और हिंदी भाषा के सांस्कृतिक और ऐतिहासिक मूल्य भी संरक्षित किए। उनका काव्य वीरता और धार्मिक-नैतिक मूल्यों का उत्कृष्ट उदाहरण है।
तथ्य तालिका (Facts Table)
तथ्य |
विवरण |
| जाति | भट्ट (चारण) |
| प्रमुख काव्य | पृथ्वीराज रासो |
| योगदान | वीर रस, शौर्य और युद्धकला का चित्रण |
| समकालीन | पृथ्वीराज चौहान |
| प्रसिद्ध दोहा | ‘चार बांस चौबीस गज’ |
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQs)
Q1. चंदबरदायी कौन थे?
चंदबरदायी राजस्थानी और हिंदी के प्रमुख कवि थे और भट्ट जाति के चारण थे।
Q2. उनका प्रमुख ग्रंथ कौन सा है?
पृथ्वीराज रासो।
Q3. चंदबरदायी किसके समकालीन थे?
पृथ्वीराज चौहान के समकालीन।
Q4. उनका योगदान साहित्य में क्या था?
वीर रस, शौर्य और युद्धकला का सुंदर चित्रण।
Q5. प्रसिद्ध दोहा कौन सा है?
‘चार बांस चौबीस गज’।
Q6. उनका जन्म कब और कहाँ हुआ था?
सटीक जन्मतिथि अज्ञात, राजस्थान में जन्म।
Q7. वे किस जाति के थे?
भट्ट जाति (चारण)।
Q8. चंदबरदायी का साहित्यिक महत्व क्या है?
हिंदी और राजस्थानी साहित्य में वीरता और ऐतिहासिक कथाओं का संरक्षण।
Q9. क्या उन्होंने केवल कविताएँ लिखीं?
हाँ, मुख्य रूप से कविताएँ और महाकाव्य (पृथ्वीराज रासो)।
Q10. उनका योगदान आज किस रूप में देखा जाता है?
वीरता और शौर्य के प्रतीक, ऐतिहासिक और सांस्कृतिक स्रोत।
