Komal Kothari biography, जन्म, कार्य और सम्मान। राजस्थान की लोककला और लोकगीतों के शोधकर्ता, पद्मभूषण, पद्मश्री और राजस्थान रत्न पुरस्कार।
Page Contents
ToggleMain Body (मुख्य भाग)
Early Life | प्रारंभिक जीवन
जन्म: 1929 ई., कपासन गाँव (राजस्थान)।
बचपन से ही लोकगीतों और संस्कृति में रुचि।
Career and Contribution | करियर और योगदान
1. संस्थागत कार्य
रूपायन संस्थान, बोरूंदा के निदेशक।
राजस्थान संगीत नाटक अकादमी के अध्यक्ष।
2. पत्रकारिता योगदान
1952 में ज्ञानोदय (जोधपुर) मासिक का संपादन।
ज्वाला (उदयपुर) साप्ताहिक का संपादन।
3. शोध और संकलन
राजस्थानी लोकगीत, कथाएँ और परंपराओं का संकलन।
राजस्थान की लोक संस्कृति के गहरे अध्ययन हेतु प्रसिद्ध।
Recognition and Awards | सम्मान एवं पुरस्कार
नेहरू फैलोशिप – राजस्थानी साहित्य और संस्कृति पर कार्य के लिए।
पद्मश्री – 1983।
पद्मभूषण – 1984।
राजस्थान रत्न पुरस्कार – 2012 (मरणोपरांत)।
Legacy | विरासत
राजस्थान की कला, संस्कृति और लोकसंगीत को जीवन पर्यन्त प्रचारित किया।
उनके कार्य ने राजस्थानी लोक परंपरा को अंतरराष्ट्रीय पहचान दिलाई।
उन्हें प्यार से कोमलदा कहा जाता था।
Later Life and Death | अंतिम जीवन और निधन
निधन: 2004 ई.
मरणोपरांत 2012 में राजस्थान रत्न पुरस्कार से सम्मानित।
सारांश
कोमल कोठारी राजस्थान की लोक संस्कृति और लोकगीतों के अग्रणी शोधकर्ता एवं संरक्षक थे। उनका जन्म 1929 ई. में कपासन गाँव में हुआ। वे बचपन से ही लोककला और संस्कृति से गहरे रूप से जुड़े रहे। उन्होंने रूपायन संस्थान, बोरूंदा के निदेशक और राजस्थान संगीत नाटक अकादमी के अध्यक्ष के रूप में लोक परंपराओं को संरक्षित और प्रोत्साहित किया। पत्रकारिता के क्षेत्र में भी वे सक्रिय रहे और 1952 में ज्ञानोदय मासिक तथा ज्वाला साप्ताहिक का संपादन किया। उनके गहन शोध कार्य के लिए उन्हें नेहरू फैलोशिप प्राप्त हुई। भारत सरकार ने उन्हें पद्मश्री (1983) और पद्मभूषण (1984) से सम्मानित किया। लोक संस्कृति की इस महान विभूति को मरणोपरांत 2012 में राजस्थान रत्न पुरस्कार (प्रथम) से अलंकृत किया गया। कोठारी जी का जीवन और कार्य आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा स्रोत है। उन्होंने अपने शोध और योगदान से राजस्थान की कला, लोकसंगीत और परंपराओं को नई ऊँचाई दी और इसे वैश्विक पहचान दिलाई।
Facts Table (तथ्य तालिका)
तथ्य |
विवरण |
| जन्म | 1929, कपासन गाँव, राजस्थान |
| संस्थान | रूपायन संस्थान, बोरूंदा |
| पत्रकारिता | ज्ञानोदय मासिक, ज्वाला साप्ताहिक संपादन |
| राष्ट्रीय सम्मान | पद्मश्री (1983), पद्मभूषण (1984) |
| निधन | 2004 |
FAQs (अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न)
1. कोमल कोठारी कौन थे?
वे राजस्थान के लोकगीतों, लोककथाओं और संस्कृति के प्रसिद्ध शोधकर्ता थे।
2. कोमल कोठारी का जन्म कब और कहाँ हुआ?
उनका जन्म 1929 ई. में कपासन गाँव (राजस्थान) में हुआ।
3. कोठारी जी किस संस्थान से जुड़े थे?
वे रूपायन संस्थान, बोरूंदा के निदेशक रहे।
4. उन्होंने पत्रकारिता में क्या योगदान दिया?
उन्होंने 1952 में ज्ञानोदय मासिक और ज्वाला साप्ताहिक का संपादन किया।
5. राजस्थान संगीत नाटक अकादमी में उनकी क्या भूमिका रही?
वे इसके अध्यक्ष रहे और लोकसंगीत को प्रोत्साहित किया।
6. उन्हें कौन-सी फैलोशिप मिली?
उन्हें नेहरू फैलोशिप प्राप्त हुई।
7. भारत सरकार ने कौन से सम्मान प्रदान किए?
पद्मश्री (1983) और पद्मभूषण (1984)।
8. कोठारी जी का निधन कब हुआ?
2004 ई. में उनका निधन हुआ।
9. मरणोपरांत उन्हें कौन-सा पुरस्कार मिला?
2012 में उन्हें राजस्थान रत्न सम्मान दिया गया।
10. उन्हें किस नाम से पुकारा जाता था?
उन्हें स्नेहपूर्वक कोमलदा कहा जाता था।
