Read more about the article जैन विश्व भारती लाडनूं (नागौर): Jain Vishva Bharati University, Jain Darshan और Jain Culture का प्रमुख केन्द्र
जैन विश्व भारती लाडनूं (नागौर): Jain Vishva Bharati University, Jain Darshan और Jain Culture का प्रमुख केन्द्र

जैन विश्व भारती लाडनूं (नागौर): Jain Vishva Bharati University, Jain Darshan और Jain Culture का प्रमुख केन्द्र

जैन विश्व भारती लाडनूं Jain Vishva Bharati University आचार्य श्री तुलसी की प्रेरणा से 1970 में स्थापित जैन दर्शन, जैन संस्कृति, साधना और प्रशिक्षण का प्रमुख वैश्विक केन्द्र है। यह Deemed University विश्वभर के विद्वानों व छात्रों को अध्ययन और शोध का अवसर प्रदान करती है 1. जैन विश्व भारती…

Continue Readingजैन विश्व भारती लाडनूं (नागौर): Jain Vishva Bharati University, Jain Darshan और Jain Culture का प्रमुख केन्द्र
Read more about the article Bhanpura Fort | भैंसरोड़गढ़ का किला (जल दुर्ग) चित्तौड़गढ़
Bhanpura Fort | भैंसरोड़गढ़ का किला (जल दुर्ग) चित्तौड़गढ़

Bhanpura Fort | भैंसरोड़गढ़ का किला (जल दुर्ग) चित्तौड़गढ़

  • Post author:
  • Post category:Fort

Bhanpura Fort भैंसरोड़गढ़ का किला राजस्थान का प्रसिद्ध Water Fort (Jal Durg) है। चम्बल और बामनी नदियों के संगम पर स्थित यह किला तीन ओर से जलराशि से घिरा है। इसका निर्माण भैंसाशाह व्यापारी और रोड़ा चारण ने सुरक्षा हेतु करवाया था। इसे राजस्थान का वेल्लोर (Vellore of Rajasthan) भी…

Continue ReadingBhanpura Fort | भैंसरोड़गढ़ का किला (जल दुर्ग) चित्तौड़गढ़
Read more about the article Lohagarh Fort Bharatpur | लोहागढ़ दुर्ग भरतपुर – अजेय पारिख व भूमि दुर्ग
Lohagarh Fort Bharatpur | लोहागढ़ दुर्ग भरतपुर – अजेय पारिख व भूमि दुर्ग

Lohagarh Fort Bharatpur | लोहागढ़ दुर्ग भरतपुर – अजेय पारिख व भूमि दुर्ग

  • Post author:
  • Post category:Fort

Lohagarh Fort Bharatpur या लोहागढ़ दुर्ग राजस्थान का विश्वविख्यात earth fort (Bhumi Durg) है। 1733 ई. में जाट राजा सूरजमल ने इसका निर्माण करवाया। यह दुर्ग अपनी मजबूत मिट्टी की प्राचीर, गहरी खाई और अजेय किलेबंदी के लिए जाना जाता है, जहाँ अहमदशाह अब्दाली और ब्रिटिश सेनाएँ भी असफल रही…

Continue ReadingLohagarh Fort Bharatpur | लोहागढ़ दुर्ग भरतपुर – अजेय पारिख व भूमि दुर्ग
Read more about the article Sajjangarh Fort |सज्जनगढ़ दुर्ग  – उदयपुर का मुकुटमणि
Sajjangarh Fort |सज्जनगढ़ दुर्ग – उदयपुर का मुकुटमणि

Sajjangarh Fort |सज्जनगढ़ दुर्ग – उदयपुर का मुकुटमणि

  • Post author:
  • Post category:Fort

Sajjangarh Fort Udaipur या सज्जनगढ़ दुर्ग, महाराणा सज्जनसिंह द्वारा 1881 ई. में निर्मित एक भव्य hill fort है। इसे "उदयपुर का मुकुटमणि" और "Monsoon Palace" कहा जाता है। यहाँ से अरावली पहाड़ियों का अद्भुत दृश्य और गुलाबबाड़ी के अनोखे गुलाब देखने को मिलते हैं।  परिचय (Introduction) स्थान: उदयपुर, राजस्थान श्रेणी:…

Continue ReadingSajjangarh Fort |सज्जनगढ़ दुर्ग – उदयपुर का मुकुटमणि
Read more about the article Kuchaman Fort | कुचामन दुर्ग नागौर – राजस्थान का गौरवशाली गिरि दुर्ग
Kuchaman Fort | कुचामन दुर्ग नागौर – राजस्थान का गौरवशाली गिरि दुर्ग

Kuchaman Fort | कुचामन दुर्ग नागौर – राजस्थान का गौरवशाली गिरि दुर्ग

  • Post author:
  • Post category:Fort

Kuchaman Fort कुचामन दुर्ग, राजस्थान के नागौर जिले का एक प्रसिद्ध Hill Fort (गिरि दुर्ग) है। इसका निर्माण मेड़तिया शासक जालिमसिंह ने करवाया था और बाद में उसके वंशजों ने इसका विस्तार किया। इसे सामन्तों द्वारा बनवाए गए किलों में सिरमौर माना जाता है। स्थापत्य, इतिहास और संस्कृति के लिहाज़…

Continue ReadingKuchaman Fort | कुचामन दुर्ग नागौर – राजस्थान का गौरवशाली गिरि दुर्ग
Read more about the article Lawan Fort |लवाण का गढ़ | राजस्थान का ऐतिहासिक स्थल दुर्ग
Lawan Fort |लवाण का गढ़ | राजस्थान का ऐतिहासिक स्थल दुर्ग

Lawan Fort |लवाण का गढ़ | राजस्थान का ऐतिहासिक स्थल दुर्ग

  • Post author:
  • Post category:Fort

Lawan Fort लवाण का गढ़ राजस्थान का एक प्राचीन Fort (दुर्ग) है, जिसका निर्माण मीणा शासकों ने किया और बाद में आम्बेर के राजा भारमल ने मुगल बादशाह अकबर की सहायता से इस पर अधिकार किया। इस किले को बांके राजा भगवन्तदास और उनके वंशजों (बांकावत) से भी जोड़ा जाता…

Continue ReadingLawan Fort |लवाण का गढ़ | राजस्थान का ऐतिहासिक स्थल दुर्ग
Read more about the article Siwana Fort (सिवाणा दुर्ग), बाड़मेर – Rajasthan’s  Hill Fort History
Siwana Fort (सिवाणा दुर्ग), बाड़मेर – Rajasthan’s  Hill Fort History

Siwana Fort (सिवाणा दुर्ग), बाड़मेर – Rajasthan’s  Hill Fort History

  • Post author:
  • Post category:Fort

Siwana Fort (सिवाणा दुर्ग) राजस्थान के बाड़मेर जिले की हल्देश्वर पहाड़ी पर स्थित एक प्राचीन गिरि दुर्ग है। इसकी स्थापना 954 ई. में परमार वंशीय वीरनारायण ने की थी। इसे ‘कुमट दुर्ग’ और ‘अणखलों सिवाणों’ भी कहा जाता है। इस किले पर अलाउद्दीन खिलजी का 1308 ई. का आक्रमण, सातलदेव…

Continue ReadingSiwana Fort (सिवाणा दुर्ग), बाड़मेर – Rajasthan’s  Hill Fort History
Read more about the article  Achalgarh Fort | अचलगढ़ किला, आबू सिरोही
Achalgarh Fort | अचलगढ़ किला, आबू सिरोही

 Achalgarh Fort | अचलगढ़ किला, आबू सिरोही

  • Post author:
  • Post category:Fort

Achalgarh Fort (अचलगढ़ दुर्ग) राजस्थान के सिरोही जिले के माउंट आबू में स्थित एक प्रसिद्ध गिरि दुर्ग है। इसका निर्माण परमार राजपूतों ने 900 ईस्वी के आसपास करवाया और महाराणा कुंभा ने 1452 ई. में इसका पुनर्निर्माण किया। सामरिक दृष्टि से यह गुजरात आक्रमणों के विरुद्ध महत्वपूर्ण रहा। महमूद बेगड़ा…

Continue Reading Achalgarh Fort | अचलगढ़ किला, आबू सिरोही
Read more about the article  Gagron Fort – राजस्थान का एकमात्र जलदुर्ग
Gagron Fort – राजस्थान का एकमात्र जलदुर्ग

 Gagron Fort – राजस्थान का एकमात्र जलदुर्ग

  • Post author:
  • Post category:Fort

Gagron Fort गागरोण किला, राजस्थान का प्रसिद्ध जलदुर्ग है जो कालीसिंध और आहू नदियों के संगम पर स्थित है। जानिए इसका इतिहास, स्थापत्य, प्रमुख युद्ध और FAQs। 1. परिचय गागरोण का किला राजस्थान के झालावाड़ जिले में स्थित है और यह राजस्थान का एकमात्र जलदुर्ग (Water Fort) है। तीन ओर नदियाँ…

Continue Reading Gagron Fort – राजस्थान का एकमात्र जलदुर्ग
Read more about the article BALA KILA|  बाला किला (गिरि दुर्ग), अलवर – इतिहास, स्थापत्य और अद्वितीयता
BALA KILA|  बाला किला (गिरि दुर्ग), अलवर – इतिहास, स्थापत्य और अद्वितीयता

BALA KILA|  बाला किला (गिरि दुर्ग), अलवर – इतिहास, स्थापत्य और अद्वितीयता

  • Post author:
  • Post category:Fort

Bala kila Alwar Fort राजस्थान का प्रसिद्ध गिरि दुर्ग है, जो कभी शत्रु द्वारा जीता नहीं गया। 928 संवत में हसन खां मेवाती द्वारा निर्मित इस किले में 15 बड़ी बुर्ज, 52 छोटी बुर्ज और 3359 कंगुरे हैं, जो इसकी सामरिक शक्ति को दर्शाते हैं। 1. परिचय बाला किला (Bala…

Continue ReadingBALA KILA|  बाला किला (गिरि दुर्ग), अलवर – इतिहास, स्थापत्य और अद्वितीयता
Read more about the article AKBAR KA DURG AJMER | अकबर का दुर्ग (स्थल दुर्ग), अजमेरअकबर का दुर्ग (स्थल दुर्ग), अजमेर – इतिहास, स्थापत्य और महत्व
AKBAR KA DURG AJMER | अकबर का दुर्ग (स्थल दुर्ग), अजमेरअकबर का दुर्ग (स्थल दुर्ग), अजमेर – इतिहास, स्थापत्य और महत्व

AKBAR KA DURG AJMER | अकबर का दुर्ग (स्थल दुर्ग), अजमेरअकबर का दुर्ग (स्थल दुर्ग), अजमेर – इतिहास, स्थापत्य और महत्व

  • Post author:
  • Post category:Fort

AKBAR KA DURG AJMER  राजस्थान का एकमात्र मुस्लिम स्थापत्य शैली में निर्मित किला है। 1570 ई. में अकबर द्वारा बनवाया गया यह दुर्ग हल्दीघाटी युद्ध योजना और टामस रो की ऐतिहासिक भेंट का साक्षी रहा। 1. परिचय अकबर का दुर्ग → अजमेर नगर के मध्य स्थित निर्माण वर्ष → 1570…

Continue ReadingAKBAR KA DURG AJMER | अकबर का दुर्ग (स्थल दुर्ग), अजमेरअकबर का दुर्ग (स्थल दुर्ग), अजमेर – इतिहास, स्थापत्य और महत्व
Read more about the article CHURU KA KILA |  चूरू का किला (मैदानी दुर्ग) | चाँदी के गोले दागने वाला दुर्ग – चूरू का किला
CHURU KA KILA | चूरू का किला (मैदानी दुर्ग) | चाँदी के गोले दागने वाला दुर्ग – चूरू का किला

CHURU KA KILA |  चूरू का किला (मैदानी दुर्ग) | चाँदी के गोले दागने वाला दुर्ग – चूरू का किला

  • Post author:
  • Post category:Fort

CHURU KA KILA चाँदी के गोले दागने वाला दुर्ग चूरू का किला है, जिसका निर्माण 1739 ई. में ठाकुर कुशाल सिंह ने करवाया। 1857 के विद्रोह में अंग्रेजों के घेराव के समय यहां चाँदी के गोले तोपों से दागे गए थे। यह घटना राजस्थान ही नहीं, विश्व इतिहास में अद्वितीय…

Continue ReadingCHURU KA KILA |  चूरू का किला (मैदानी दुर्ग) | चाँदी के गोले दागने वाला दुर्ग – चूरू का किला
Read more about the article BHATNER DURG |  भटनेर दुर्ग (धान्वन दुर्ग), हनुमानगढ़ – इतिहास, स्थापत्य और सामरिक महत्व
BHATNER DURG |  भटनेर दुर्ग (धान्वन दुर्ग), हनुमानगढ़ – इतिहास, स्थापत्य और सामरिक महत्व

BHATNER DURG |  भटनेर दुर्ग (धान्वन दुर्ग), हनुमानगढ़ – इतिहास, स्थापत्य और सामरिक महत्व

  • Post author:
  • Post category:Fort

  BHATNER DURG भटनेर दुर्ग हनुमानगढ़ का ऐतिहासिक धान्वन दुर्ग है, जिसका निर्माण 295 ई. में भाटी राजा भूपत ने किया था। 52 बुर्जों वाला यह किला सामरिक दृष्टि से महत्वपूर्ण रहा और महमूद गजनवी, तैमूर, अकबर सहित कई आक्रमण झेल चुका है। 1. भटनेर दुर्ग का परिचय स्थान: हनुमानगढ़,…

Continue ReadingBHATNER DURG |  भटनेर दुर्ग (धान्वन दुर्ग), हनुमानगढ़ – इतिहास, स्थापत्य और सामरिक महत्व
Read more about the article चित्तौड़ का किला (Chittorgarh Fort) – इतिहास, स्थापत्य और प्रमुख आकर्षण
चित्तौड़ का किला (Chittorgarh Fort) – इतिहास, स्थापत्य और प्रमुख आकर्षण

चित्तौड़ का किला (Chittorgarh Fort) – इतिहास, स्थापत्य और प्रमुख आकर्षण

  • Post author:
  • Post category:Fort

चित्तौड़ का किला (Chittorgarh Fort Rajasthan) भारत का सबसे बड़ा किला है जो 28 वर्ग किमी क्षेत्र में फैला है। 1810 फीट ऊँचे पठार पर स्थित यह किला गंभीरी और बेड़च नदियों के संगम पर बना है। गुहिल वंश, राणा हम्मीर, महाराणा कुंभा और मीराबाई से जुड़ा यह किला इतिहास,…

Continue Readingचित्तौड़ का किला (Chittorgarh Fort) – इतिहास, स्थापत्य और प्रमुख आकर्षण
Read more about the article आमेर का किला (Amber Fort Jaipur) – इतिहास, स्थापत्य और प्रमुख आकर्षण
आमेर का किला (Amber Fort Jaipur) – इतिहास, स्थापत्य और प्रमुख आकर्षण

आमेर का किला (Amber Fort Jaipur) – इतिहास, स्थापत्य और प्रमुख आकर्षण

  • Post author:
  • Post category:Fort

आमेर का किला (Amber Fort Jaipur) जयपुर से 11 किमी दूर स्थित एक शानदार गिरि दुर्ग है। 1036 ई. में काकिलदेव ने इसे मीणा शासक से छीना और बाद में महाराजा मानसिंह व सवाई जयसिंह ने इसे भव्य रूप दिया। हिंदू और मुगल स्थापत्य कला के सम्मिश्रण से बने इस…

Continue Readingआमेर का किला (Amber Fort Jaipur) – इतिहास, स्थापत्य और प्रमुख आकर्षण
Read more about the article जयगढ़ किला (Jaigarh Fort Jaipur) – इतिहास, रहस्य और स्थापत्य कला
जयगढ़ किला (Jaigarh Fort Jaipur) – इतिहास, रहस्य और स्थापत्य कला

जयगढ़ किला (Jaigarh Fort Jaipur) – इतिहास, रहस्य और स्थापत्य कला

  • Post author:
  • Post category:Fort

जयगढ़ किला (Jaigarh Fort Jaipur) राजस्थान का सबसे दुर्गम किला माना जाता है। मिर्जा राजा जयसिंह प्रथम द्वारा निर्मित और सवाई जयसिंह द्वितीय द्वारा परिवर्द्धित, यह किला 500 मीटर ऊँची पहाड़ी पर स्थित है। रहस्यमयी खजाने, एशिया की सबसे बड़ी तोप जयबाण, गुप्त सुरंगें और अद्वितीय स्थापत्य इसे भारत के…

Continue Readingजयगढ़ किला (Jaigarh Fort Jaipur) – इतिहास, रहस्य और स्थापत्य कला
Read more about the article Kumbhalgarh Fort – The Great Wall of India (गिरि दुर्ग, राजसमंद) कुंभलगढ़ किला राजसमंद 
Kumbhalgarh Fort – The Great Wall of India (गिरि दुर्ग, राजसमंद) कुंभलगढ़ किला राजसमंद 

Kumbhalgarh Fort – The Great Wall of India (गिरि दुर्ग, राजसमंद) कुंभलगढ़ किला राजसमंद 

  • Post author:
  • Post category:Fort

Kumbhalgarh Fort Rajasthan का दूसरा सबसे महत्वपूर्ण किला है, जिसे महाराणा कुंभा ने 1448 ई. में बनवाया था। यह भारत की महान दीवार (Great Wall of India) के नाम से प्रसिद्ध है, जिसकी लंबाई 36 किलोमीटर है और यह मेवाड़-मारवाड़ की सीमा पर स्थित है। परिचय स्थान: राजसमंद, राजस्थान प्रकार:…

Continue ReadingKumbhalgarh Fort – The Great Wall of India (गिरि दुर्ग, राजसमंद) कुंभलगढ़ किला राजसमंद 
Read more about the article रणथम्भौर दुर्ग (Ranthambhore Fort) – इतिहास, वास्तुकला और प्रमुख तथ्य
रणथम्भौर दुर्ग (Ranthambhore Fort) – इतिहास, वास्तुकला और प्रमुख तथ्य

रणथम्भौर दुर्ग (Ranthambhore Fort) – इतिहास, वास्तुकला और प्रमुख तथ्य

  • Post author:
  • Post category:Fort

रणथम्भौर दुर्ग (Ranthambhore Fort) राजस्थान का प्रसिद्ध गिरि एवं वन दुर्ग है, जिसका निर्माण चौहान शासकों ने किया। जानें इसका इतिहास, स्थापत्य कला, प्रमुख स्थल और FAQs। रणथम्भौर दुर्ग: परिचय स्थान: सवाई माधोपुर, राजस्थान दुर्ग का प्रकार: गिरि दुर्ग एवं वन दुर्ग निर्माण काल: 8वीं शताब्दी निर्माता: चौहान शासक, परंपरा अनुसार…

Continue Readingरणथम्भौर दुर्ग (Ranthambhore Fort) – इतिहास, वास्तुकला और प्रमुख तथ्य
Read more about the article तारागढ़ का किला (Taragarh Fort), बूंदी – इतिहास, स्थापत्य और प्रमुख तथ्य
तारागढ़ का किला (Taragarh Fort), बूंदी – इतिहास, स्थापत्य और प्रमुख तथ्य

तारागढ़ का किला (Taragarh Fort), बूंदी – इतिहास, स्थापत्य और प्रमुख तथ्य

  • Post author:
  • Post category:Fort

Taragarh Fort तारागढ़ का किला राजस्थान के बूंदी का प्रसिद्ध गिरि दुर्ग है, जिसे 1334 ई. में राव बरसिंह ने बनवाया। यह किला अपनी ऊँचाई, भित्तिचित्रों, राजमहलों और अद्वितीय स्थापत्य कला के लिए प्रसिद्ध है। Taragarh Fort Bundi का इतिहास, महल, चित्रशाला और प्रमुख तथ्य जानें। 1. परिचय स्थान: बूंदी,…

Continue Readingतारागढ़ का किला (Taragarh Fort), बूंदी – इतिहास, स्थापत्य और प्रमुख तथ्य
Read more about the article मेहरानगढ़ किला (Mehrangarh Fort), जोधपुर – इतिहास, वास्तुकला और प्रमुख तथ्य
मेहरानगढ़ किला (Mehrangarh Fort), जोधपुर – इतिहास, वास्तुकला और प्रमुख तथ्य

मेहरानगढ़ किला (Mehrangarh Fort), जोधपुर – इतिहास, वास्तुकला और प्रमुख तथ्य

  • Post author:
  • Post category:Fort

Mehrangarh Fort मेहरानगढ़ किला राजस्थान के जोधपुर का विश्वप्रसिद्ध गिरि दुर्ग है, जिसकी स्थापना 1459 में राव जोधा ने की थी। यह किला राजपूत स्थापत्य कला, भव्य महलों, प्राचीन तोपों और ऐतिहासिक मंदिरों के लिए जाना जाता है। Mehrangarh Fort का इतिहास, द्वार, महल और प्रमुख तथ्य जानें। 1. परिचय…

Continue Readingमेहरानगढ़ किला (Mehrangarh Fort), जोधपुर – इतिहास, वास्तुकला और प्रमुख तथ्य
Read more about the article VIJAYMANDIR KILA | विजयमंदिर किला (गिरि दुर्ग), बयाना-भरतपुर
VIJAYMANDIR KILA | विजयमंदिर किला (गिरि दुर्ग), बयाना-भरतपुर

VIJAYMANDIR KILA | विजयमंदिर किला (गिरि दुर्ग), बयाना-भरतपुर

  • Post author:
  • Post category:Fort

विजयमंदिर का किला (Vijaymandir kila) राजस्थान के भरतपुर जिले के बयाना क्षेत्र में स्थित है। इसे यादववंशी राजा विजयपाल ने 1040 ई. में मानी पहाड़ी पर बनवाया था। यह किला हिंदू व मुस्लिम स्थापत्य कला का अद्भुत संगम है। जानिए इसका पूरा इतिहास, स्थापत्य और प्रमुख विशेषताएँ। 1. परिचय स्थान:…

Continue ReadingVIJAYMANDIR KILA | विजयमंदिर किला (गिरि दुर्ग), बयाना-भरतपुर
Read more about the article मांडलगढ़ दुर्ग (Mandalgarh Fort), भीलवाड़ा – History, Architecture & Facts
मांडलगढ़ दुर्ग (Mandalgarh Fort), भीलवाड़ा – History, Architecture & Facts

मांडलगढ़ दुर्ग (Mandalgarh Fort), भीलवाड़ा – History, Architecture & Facts

  • Post author:
  • Post category:Fort

मांडलगढ़ दुर्ग (Mandalgarh Fort) राजस्थान के भीलवाड़ा जिले में स्थित एक प्रमुख गिरि दुर्ग है, जो अरावली पर्वतमाला की विशाल उपत्यका पर बसा है। यह किला बनास, बेड़च और मेनाल नदियों के त्रिवेणी संगम के निकट स्थित है। जानें इसका इतिहास, स्थापत्य, युद्धों और प्रमुख स्थलों की पूरी जानकारी 1.…

Continue Readingमांडलगढ़ दुर्ग (Mandalgarh Fort), भीलवाड़ा – History, Architecture & Facts
Read more about the article Jambhoji |जाम्भोजी | बिश्नोई सम्प्रदाय – 29 नियमों पर आधारित पर्यावरण धर्म
Jambhoji |जाम्भोजी | बिश्नोई सम्प्रदाय – 29 नियमों पर आधारित पर्यावरण धर्म

Jambhoji |जाम्भोजी | बिश्नोई सम्प्रदाय – 29 नियमों पर आधारित पर्यावरण धर्म

Jambhoji |जाम्भोजी बिश्नोई सम्प्रदाय प्रकृति संरक्षण, जीवदया और 29 नियमों पर आधारित है। संत जांभेश्वर भगवान के उपदेश आज भी पर्यावरण और समाज को दिशा देते हैं। जन्म और जीवन जन्म: 1451 ई., भाद्रपद कृष्ण अष्टमी, पीपासर (नागौर) मूल नाम: धनराज पिता: लोहटजी पंवार माता: हंसादेवी गुरु: गोरखनाथ जी उपनाम:…

Continue ReadingJambhoji |जाम्भोजी | बिश्नोई सम्प्रदाय – 29 नियमों पर आधारित पर्यावरण धर्म
Read more about the article Sant Mavji Nishkalank Sampraday| संत मावजी और निष्कलंक संप्रदाय
Sant Mavji Nishkalank Sampraday| संत मावजी और निष्कलंक संप्रदाय

Sant Mavji Nishkalank Sampraday| संत मावजी और निष्कलंक संप्रदाय

Sant Mavji Nishkalank Sampraday संत मावजी राजस्थान के डूंगरपुर जिले के महान संत माने जाते हैं। उन्होंने निष्कलंक संप्रदाय की स्थापना की, जो भक्ति, समानता और सामाजिक सुधार का प्रतीक है। मावजी को विष्णु का कल्कि अवतार माना जाता है। उनका मुख्य धाम वेणेश्वर है, जो माही, सोम और जाखम…

Continue ReadingSant Mavji Nishkalank Sampraday| संत मावजी और निष्कलंक संप्रदाय
Read more about the article NATH SAMPRDAY | नाथ संप्रदाय का इतिहास और विशेषताएं | Nath Sampraday in Rajasthan
NATH SAMPRDAY | नाथ संप्रदाय का इतिहास और विशेषताएं | Nath Sampraday in Rajasthan

NATH SAMPRDAY | नाथ संप्रदाय का इतिहास और विशेषताएं | Nath Sampraday in Rajasthan

NATH SAMPRDAY  नाथ संप्रदाय का इतिहास राजस्थान में शैव व वैष्णव दोनों परंपराओं में विकसित हुआ। मत्स्येन्द्रनाथ और गोरखनाथ इसके प्रमुख प्रवर्तक रहे। जालौर का सिरे मंदिर, जोधपुर का महामंदिर और पुष्कर की राताडूंगा इसकी मुख्य पीठें हैं। यहां नाथ, मसानिया, ओघड़, कालबेलिया और अघोरी जैसी शाखाएं पाई जाती हैं।…

Continue ReadingNATH SAMPRDAY | नाथ संप्रदाय का इतिहास और विशेषताएं | Nath Sampraday in Rajasthan