जयगढ़ किला (Jaigarh Fort Jaipur) राजस्थान का सबसे दुर्गम किला माना जाता है। मिर्जा राजा जयसिंह प्रथम द्वारा निर्मित और सवाई जयसिंह द्वितीय द्वारा परिवर्द्धित, यह किला 500 मीटर ऊँची पहाड़ी पर स्थित है। रहस्यमयी खजाने, एशिया की सबसे बड़ी तोप जयबाण, गुप्त सुरंगें और अद्वितीय स्थापत्य इसे भारत के प्रमुख दुर्गों में स्थान दिलाते हैं।
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Toggleजयगढ़ किला का परिचय
स्थान: जयपुर, राजस्थान
प्रकार: गिरि दुर्ग (Hill Fort)
निर्माता: मिर्जा राजा जयसिंह प्रथम (1620-1667 ई.)
परिवर्द्धन: सवाई जयसिंह द्वितीय
ऊँचाई: 500 मीटर ऊँची पर्वत चोटी
महत्व: कच्छवाहा शासकों का सुरक्षित गढ़
चील्ह का टीला और रहस्य
जनश्रुति: यहाँ कच्छवाहा राजाओं का दफीना (राजकोष) रखा गया
प्रहरी: मीणे
विशेष घटना: विजयसिंह (चीमाजी) को यहाँ कैद किया गया
खुदाई: श्रीमती इंदिरा गांधी के कार्यकाल में गुप्त खजाने की खोज
स्थापत्य और निर्माण विशेषताएँ
प्राचीन भारतीय वास्तुशास्त्र के अनुसार निर्माण
मजबूत प्राचीर (Walls)
घुमावदार बुर्ज (Bastions)
विशाल जल टांके (Water reservoirs)
परिधि: लगभग 4 किमी
प्रमुख द्वार (Gateways)
1. डूंगर दरवाजा – नाहरगढ़ की ओर
2. अवनि दरवाजा – आमेर राजप्रासाद की ओर
3. भैंरु दरवाजा – सागर जलाशय की ओर
जयगढ़ किले के प्रमुख भवन
जलेब चौक
सुभट निवास (दीवान-ए-आम)
खिलबत निवास (दीवान-ए-खास)
लक्ष्मी निवास
विलास मंदिर
सूर्य मंदिर
आराम मंदिर
विजयगढ़ी (लघु अंतः दुर्ग)
कठपुतली घर
दिया बुर्ज और जयबाण तोप
दिया बुर्ज: सबसे ऊँचा बुर्ज
शस्त्रागार: विजयगढ़ी
जयबाण तोप:
निर्माण: 1720 ई.
स्थान: जयगढ़ शस्त्र कारखाना
विशेषता: एशिया की सबसे बड़ी तोप
मारक क्षमता: 32 किमी
अन्य तोपें: बादली, बजरंगबाण, मचवान
सुरंगों का महत्व
आमेर और जयगढ़ को जोड़ने वाली गुप्त सुरंग
संकटकाल में शासकों का सुरक्षित स्थानांतरण
खजाने और परिवार की सुरक्षा
ऐतिहासिक महत्व
कभी किसी शासक ने नहीं जीता
शांतिकाल में राजनीतिक बंदियों का कैदखाना
आमेर और नाहरगढ़ से घिरा हुआ रणनीतिक दुर्ग
सारांश
जयगढ़ किला (Jaigarh Fort Jaipur) राजस्थान के इतिहास और स्थापत्य कला का एक अनूठा उदाहरण है। यह 500 मीटर ऊँची अरावली की पहाड़ी पर स्थित है और इसे मिर्जा राजा जयसिंह प्रथम ने बनवाया तथा सवाई जयसिंह द्वितीय ने विकसित किया। किले की सबसे बड़ी विशेषता इसका रहस्यमयी इतिहास और जयबाण तोप है, जो एशिया की सबसे बड़ी तोप मानी जाती है और जिसकी मारक क्षमता 32 किमी तक थी। जयगढ़ में स्थित चील्ह का टीला राजकोष और गुप्त खजानों के कारण प्रसिद्ध रहा। इंदिरा गांधी के समय में यहाँ व्यापक खुदाई भी हुई। इसके तीन मुख्य द्वार, विशाल जल टांके, बुर्ज, मंदिर, महल और विजयगढ़ी जैसे भाग इसे स्थापत्य दृष्टि से अद्वितीय बनाते हैं। आमेर और जयगढ़ को जोड़ने वाली गुप्त सुरंग इसे युद्धकाल में अभेद्य सुरक्षा स्थल बनाती थी। यह किला कभी भी शत्रुओं द्वारा जीता नहीं गया, बल्कि शांति के समय विशेष राजनीतिक बंदियों को यहाँ रखा जाता था। जयगढ़ राजस्थान का गौरव और इतिहास का जीवित प्रतीक है।
जयगढ़ किला: मुख्य तथ्य (Table)
| तथ्य | विवरण |
| स्थान | जयपुर, राजस्थान |
| निर्माता | मिर्जा राजा जयसिंह प्रथम |
| परिवर्द्धन | सवाई जयसिंह द्वितीय |
| प्रमुख तोप | जयबाण (एशिया की सबसे बड़ी) |
| विशेषता | आमेर से गुप्त सुरंग द्वारा जुड़ा हुआ |
FAQs (अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न)
Q1. जयगढ़ किला किसने बनवाया था?
Ans. इसका निर्माण मिर्जा राजा जयसिंह प्रथम ने करवाया और सवाई जयसिंह द्वितीय ने इसका विस्तार किया।
Q2. जयगढ़ किला किस प्रकार का किला है?
Ans. यह एक गिरि दुर्ग (Hill Fort) है।
Q3. जयबाण तोप की विशेषता क्या है?
Ans. जयबाण एशिया की सबसे बड़ी तोप है, जिसकी मारक क्षमता 32 किमी थी।
Q4. जयगढ़ और आमेर के बीच क्या संबंध है?
Ans. दोनों किले एक गुप्त सुरंग से जुड़े हुए हैं, जिससे शासक संकटकाल में सुरक्षित स्थानांतरित हो जाते थे।
Q5. जयगढ़ का सबसे ऊँचा बुर्ज कौन सा है?
Ans. दिया बुर्ज।
Q6. जयगढ़ किला कितनी परिधि में फैला हुआ है?
Ans. लगभग 4 किमी की परिधि में।
Q7. जयगढ़ किले का उपयोग शांतिकाल में किस लिए होता था?
Ans. यह विशेष राजनीतिक बंदियों को कैद करने के लिए प्रयुक्त होता था।
Q8. जयगढ़ किले में कौन-कौन से प्रमुख भवन हैं?
Ans. जलेब चौक, दीवान-ए-आम, दीवान-ए-खास, विलास मंदिर, विजयगढ़ी आदि।
Q9. जयगढ़ किले का रहस्य किससे जुड़ा हुआ है?
Ans. कच्छवाहा राजाओं के खजाने और चील्ह के टीले से।
Q10. जयगढ़ किले की खुदाई कब हुई थी?
Ans. श्रीमती इंदिरा गांधी के प्रधानमंत्रित्व काल में।
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