AKBAR KA DURG AJMER राजस्थान का एकमात्र मुस्लिम स्थापत्य शैली में निर्मित किला है। 1570 ई. में अकबर द्वारा बनवाया गया यह दुर्ग हल्दीघाटी युद्ध योजना और टामस रो की ऐतिहासिक भेंट का साक्षी रहा।
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Toggle1. परिचय
अकबर का दुर्ग → अजमेर नगर के मध्य स्थित
निर्माण वर्ष → 1570 ईस्वी
उद्देश्य → गुजरात विजय के उपलक्ष्य में
अन्य नाम → अकबर का दौलतखाना, अकबर की मैगजीन
2. निर्माण और स्थापत्य
अकबर द्वारा निर्माण
मुगल सम्राट अकबर ने गुजरात विजय के उपलक्ष्य में बनवाया।
यह स्थल दुर्ग प्रकार का किला है।
स्थापत्य शैली
राजस्थान का एकमात्र किला → मुस्लिम स्थापत्य पद्धति से निर्मित।
मजबूत दीवारें, द्वार और सैन्य उपयोग के अनुकूल निर्माण।
3. ऐतिहासिक महत्व
हल्दीघाटी युद्ध योजना
1576 ई. → महाराणा प्रताप के विरुद्ध हल्दीघाटी युद्ध की योजना इसी दुर्ग में बनी।
टामस रो और जहाँगीर
ब्रिटिश राजदूत सर टामस रो ने सम्राट जहाँगीर को यहीं पर अपना परिचय पत्र सौंपा।
यह घटना मुगल-ब्रिटिश कूटनीति की शुरुआत मानी जाती है।
अंग्रेजी कब्ज़ा और मैगजीन
1801 ई. → अंग्रेजों ने दुर्ग पर कब्ज़ा किया।
इसे अपना शस्त्रागार (Magazine) बना लिया।
4. प्रमुख तथ्य बिंदु
1. निर्माण → 1570 ई.
2. निर्माता → अकबर
3. शैली → मुस्लिम स्थापत्य पद्धति
4. अन्य नाम → दौलतखाना, मैगजीन
5. ऐतिहासिक घटनाएँ → हल्दीघाटी युद्ध योजना, टामस रो की भेंट, अंग्रेजी कब्ज़ा
5. सारांश
अकबर का दुर्ग, अजमेर केवल एक स्थापत्य नहीं बल्कि राजस्थान के इतिहास का जीवित दस्तावेज है। 1570 ईस्वी में अकबर द्वारा गुजरात विजय के उपलक्ष्य में निर्मित इस स्थल दुर्ग को राजस्थान का एकमात्र मुस्लिम स्थापत्य शैली में निर्मित किला माना जाता है। इसकी दीवारें उस दौर की शक्ति और सामरिक सोच को दर्शाती हैं। यही वह स्थान है जहाँ 1576 ई. में हल्दीघाटी युद्ध की योजना को अंतिम रूप दिया गया, जिसने राजपूत-मुगल संघर्ष की दिशा तय की। आगे चलकर जब अंग्रेज भारत आए तो 1615 ई. में ब्रिटिश राजदूत सर टामस रो ने सम्राट जहाँगीर से इसी किले में भेंट की, जिससे मुगल-ब्रिटिश कूटनीतिक संबंधों की शुरुआत हुई। बाद में 1801 ईस्वी में अंग्रेजों ने इस दुर्ग पर कब्ज़ा किया और इसे शस्त्रागार (Magazine) के रूप में उपयोग में लिया। यह दुर्ग केवल स्थापत्य की दृष्टि से ही नहीं बल्कि इतिहास के अहम मोड़ों का साक्षी होने के कारण भी अद्वितीय है।
6. तथ्य तालिका
तथ्य |
विवरण |
| निर्माण | 1570 ई. |
| निर्माता | मुगल सम्राट अकबर |
| दुर्ग प्रकार | स्थल दुर्ग |
| स्थापत्य शैली | मुस्लिम स्थापत्य पद्धति |
| ऐतिहासिक घटनाएँ | हल्दीघाटी युद्ध योजना, टामस रो की भेंट, अंग्रेजी कब्ज़ा |
7. FAQs
Q1. अकबर का दुर्ग कहाँ स्थित है?
अकबर का दुर्ग राजस्थान के अजमेर नगर के मध्य स्थित है।
Q2. अकबर के दुर्ग का निर्माण कब हुआ था?
यह दुर्ग 1570 ईस्वी में अकबर द्वारा गुजरात विजय के उपलक्ष्य में बनवाया गया।
Q3. इस दुर्ग को और किन नामों से जाना जाता है?
इसे “अकबर का दौलतखाना” और “अकबर की मैगजीन” भी कहा जाता है।
Q4. हल्दीघाटी युद्ध की योजना कहाँ बनी थी?
1576 ई. में महाराणा प्रताप के विरुद्ध हल्दीघाटी युद्ध की योजना इसी दुर्ग में बनी थी।
Q5. टामस रो का संबंध इस दुर्ग से क्या है?
ब्रिटिश राजदूत सर टामस रो ने सम्राट जहाँगीर को अपना परिचय पत्र इसी दुर्ग में प्रस्तुत किया था।
Q6. अंग्रेजों ने इस किले का क्या उपयोग किया?
1801 ईस्वी में अंग्रेजों ने इस पर कब्ज़ा कर इसे शस्त्रागार (Magazine) में बदल दिया।
Q7. इस दुर्ग की स्थापत्य शैली किस प्रकार की है?
यह राजस्थान का एकमात्र दुर्ग है जो मुस्लिम स्थापत्य पद्धति में निर्मित है।
Q8. अकबर ने इस दुर्ग का निर्माण क्यों करवाया था?
अकबर ने गुजरात विजय के उपलक्ष्य में इस दुर्ग का निर्माण करवाया।
Q9. क्या यह किला पर्यटन स्थल है?
हाँ, यह अजमेर का एक प्रमुख ऐतिहासिक पर्यटन स्थल है।
Q10. अजमेर में अकबर का दुर्ग किसलिए प्रसिद्ध है?
यह किला हल्दीघाटी युद्ध योजना, टामस रो की ऐतिहासिक भेंट और अंग्रेजी कब्ज़े के कारण प्रसिद्ध है।
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