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Bhanpura Fort | भैंसरोड़गढ़ का किला (जल दुर्ग) चित्तौड़गढ़

Bhanpura Fort | भैंसरोड़गढ़ का किला (जल दुर्ग) चित्तौड़गढ़

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Bhanpura Fort भैंसरोड़गढ़ का किला राजस्थान का प्रसिद्ध Water Fort (Jal Durg) है। चम्बल और बामनी नदियों के संगम पर स्थित यह किला तीन ओर से जलराशि से घिरा है। इसका निर्माण भैंसाशाह व्यापारी और रोड़ा चारण ने सुरक्षा हेतु करवाया था। इसे राजस्थान का वेल्लोर (Vellore of Rajasthan) भी कहा जाता है।

1️⃣ परिचय (Introduction)

स्थान: चित्तौड़गढ़ जिला, राजस्थान

नदी संगम: चम्बल व बामनी नदी

प्रकार: जल दुर्ग (Water Fort)

महत्व: रणनीतिक सुरक्षा स्थल व आश्रयस्थल

2️⃣ निर्माण व इतिहास (History & Construction)

निर्माता: भैंसाशाह व्यापारी और रोड़ा चारण

उद्देश्य: व्यापारिक काफिलों को पर्वतीय लुटेरों से बचाना।

काल: वर्षा ऋतु में आश्रय स्थल के रूप में।

कर्नल टॉड का उल्लेख: दुर्ग को व्यापारी सुरक्षा हेतु बताया।

3️⃣ स्थापत्य व विशेषताएँ (Architecture & Features)

अरावली की विशाल घाटी में स्थित।

तीन ओर से जलराशि से घिरा हुआ (Natural Defense)।

दुर्ग का प्रकार: Jal Durg (Water Fort)।

वर्षा ऋतु में दुर्ग चारों ओर से सुरक्षित हो जाता था।

4️⃣ शासक व अधिकार परिवर्तन (Rulers & Dynasties)

प्रारंभिक अधिकार: डोड शाखा के परमार

बाद में: राठौड़, शक्तावत और चूण्डावत राजपूत

अंततः: हाड़ा राजवंश और अधिकांश समय मेवाड़ के अधीन।

5️⃣ भैंसरोड़गढ़ की उपमा – वेल्लोर ऑफ राजस्थान

राजस्थान का वेल्लोर (Vellore of Rajasthan) कहलाता है।

कारण: प्राकृतिक सुरक्षा, दुर्ग की अभेद्यता और जलराशि से घिरा होना।

📖 सारांश (Summary)

भैंसरोड़गढ़ का किला, चित्तौड़गढ़ जिले में चम्बल और बामनी नदियों के संगम पर स्थित राजस्थान का प्रमुख जलदुर्ग है। अरावली पर्वतमाला की घाटी में बसे इस किले की प्राकृतिक संरचना इसे अन्य दुर्गों से अलग करती है। तीन ओर से जलराशि से घिरे इस किले का निर्माण भैंसाशाह व्यापारी और रोड़ा चारण ने अपने व्यापारिक काफिलों की सुरक्षा हेतु करवाया था।

इतिहास में यह दुर्ग परमार, राठौड़, शक्तावत, चूण्डावत और हाड़ा वंश के अधीन रहा, किंतु अधिकांश समय मेवाड़ के अधिकार में रहा। इस किले का सामरिक महत्व इतना अधिक था कि इसे राजस्थान का वेल्लोर कहा जाने लगा। जलदुर्ग होने के कारण यह प्राकृतिक सुरक्षा, सामरिक दृष्टि और ऐतिहासिक गौरव का अद्वितीय उदाहरण है। आज भी भैंसरोड़गढ़ का किला राजस्थान के गौरवशाली दुर्ग स्थापत्य का प्रतीक है।

📊 तथ्य तालिका (Table of Facts)

तथ्य (Fact)

विवरण (Detail)

स्थान (Location)  चित्तौड़गढ़, राजस्थान
दुर्ग प्रकार (Type) जल दुर्ग (Jal Durg / Water Fort)
नदी संगम (Rivers)  चम्बल व बामनी नदी
निर्माता (Builder)  भैंसाशाह व्यापारी व रोड़ा चारण
उपमा (Comparison) राजस्थान का वेल्लोर

FAQs (Frequently Asked Questions)

Q1. भैंसरोड़गढ़ का किला कहाँ स्थित है?

Ans: यह चित्तौड़गढ़ जिले में चम्बल और बामनी नदयों के संगम पर स्थित है।

Q2. भैंसरोड़गढ़ किस प्रकार का किला है?

Ans: यह जल दुर्ग (Water Fort) है।

Q3. भैंसरोड़गढ़ किले का निर्माण किसने करवाया?

Ans: भैंसाशाह नामक व्यापारी और रोड़ा चारण ने।

Q4. इस किले का निर्माण क्यों किया गया था?

Ans: व्यापारिक काफिलों को पर्वतीय लुटेरों से सुरक्षा प्रदान करने हेतु।

Q5. भैंसरोड़गढ़ किन राजवंशों के अधीन रहा?

Ans: परमार, राठौड़, शक्तावत, चूण्डावत और हाड़ा वंश।

Q6. अधिकांश समय भैंसरोड़गढ़ किसके अधीन रहा?

Ans: यह मेवाड़ के अधिकार में रहा।

Q7. इस किले की विशेषता क्या है?

Ans: यह तीन ओर से जलराशि से घिरा होने के कारण अभेद्य था।

Q8. भैंसरोड़गढ़ को राजस्थान का वेल्लोर क्यों कहा जाता है?

Ans: इसकी अभेद्यता और जलदुर्ग होने के कारण।

Q9. इस किले का उल्लेख किसने किया है?

Ans: कर्नल टॉड ने।

Q10. भैंसरोड़गढ़ का किला किस प्राकृतिक क्षेत्र में स्थित है?

Ans: अरावली पर्वतमाला की घाटी में।

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