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सूर्यमल्ल मिश्रण, बूँदी (Suryamall Mishran, Bundi) – जीवन और काव्य योगदान

सूर्यमल्ल मिश्रण, बूँदी (Suryamall Mishran, Bundi) – जीवन और काव्य योगदान

Suryamall Mishran Bundi सूर्यमल्ल मिश्रण, बूँदी – बूँदी के दरबारी कवि, जिन्होंने वंश भास्कर, वीर सतसई और अन्य काव्य रचनाओं से राजस्थान के इतिहास और वीरता को उजागर किया।

Early Life and Family | प्रारंभिक जीवन और परिवार

जन्म: विक्रम संवत 1872 (1815 ई.), बूँदी।

पिता: चण्डीदान, माता: भवाई बाई।

दरबारी कवि: बूँदी महाराव रामसिंह के दरबार में।

भाषाई ज्ञान: डिंगल, पिंगल, संस्कृत, पालि, अपभ्रंश, अरबी, फारसी।

Major Works | प्रमुख कृतियाँ

1. वंश भास्कर – सवा लाख पदों का महाकाव्य, बूँदी और राजपूताना का इतिहास।

2. वीर सतसई – 1857 स्वतंत्रता संग्राम प्रेरक रचना।

3. अन्य काव्य: बलवन्त विलास, छंदोमयूख, रामरंजाट, सतीरासो, धातु रूपावली।

4. भाषा विशेषता: बहुभाषी (5–6 भाषाओं का प्रयोग)।

5. शैली: सत्य पर आधारित, कल्पना का सीमित उपयोग।

Historical Significance | ऐतिहासिक महत्व

वंश भास्कर में बूँदी के इतिहास के साथ अन्य राज्यों और शासकों का उल्लेख।

वीरता और युद्ध वर्णन प्रमुख।

ज्ञान और उपयोगी जानकारी प्रदान करने वाला अद्वितीय ग्रंथ।

स्वतंत्रता संग्राम में प्रेरक भूमिका: अंग्रेजी दासता के विरोध में वीर सतसई।

Literary Style | साहित्यिक शैली

बहुभाषी काव्य रचना।

वास्तविक इतिहास और वीर प्रसंगों पर आधारित।

कविता को ‘Lay of the Last Minstrel’ की तरह रचना।

सूर्यमल्ल मिश्रण स्वयं को ‘Last of the Giants’ के रूप में प्रस्तुत।

Death | निधन

वर्ष 1865 ई. में मृत्यु।

सारांश (Summary)

सूर्यमल्ल मिश्रण (1815–1865 ई.) बूँदी के महान दरबारी कवि और इतिहासकार थे। उनका जन्म विक्रम संवत 1872 में बूँदी में हुआ। उन्होंने डिंगल, पिंगल, संस्कृत, पालि, अपभ्रंश, अरबी और फारसी भाषाओं में दक्षता प्राप्त की। बूँदी महाराव रामसिंह के दरबार में कवि होने के नाते, सूर्यमल्ल ने राजस्थान के इतिहास, वीरता और संस्कृति को अपने काव्यों में उकेरा। उनका प्रसिद्ध महाकाव्य वंश भास्कर सवा लाख पदों का है, जिसमें बूँदी सहित समस्त राजपूताना का इतिहास विस्तार से दिया गया है। इसके अलावा उन्होंने वीर सतसई जैसी प्रेरक रचनाएँ भी कीं, जो 1857 के स्वतंत्रता संग्राम के दौरान देशवासियों को प्रोत्साहित करती थीं। सूर्यमल्ल की शैली बहुभाषी थी और उन्होंने काव्य में केवल सत्य को महत्व दिया। उनके ग्रंथों में वीर प्रसंग, युद्ध विवरण और उपयोगी ज्ञान शामिल हैं। वे इतिहास और काव्य दोनों में अद्वितीय योगदान देने वाले कवि माने जाते हैं।

Facts Table (तथ्य तालिका)

तथ्य

 विवरण

जन्म   विक्रम संवत 1872 (1815 ई.), बूँदी
पिता चण्डीदान, माता: भवाई बाई
प्रमुख कृति  वंश भास्कर
प्रेरक रचना   वीर सतसई
निधन  1865 ई.

FAQs (Frequently Asked Questions – अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न)

1. Who was Suryamall Mishran? | सूर्यमल्ल मिश्रण कौन थे?

दरबारी कवि।

2. When was Suryamall Mishran born? | सूर्यमल्ल मिश्रण का जन्म कब हुआ?

1815 ई.

3. Where was he born? | सूर्यमल्ल मिश्रण कहाँ जन्मे?

बूँदी।

4. Name his most famous work. | उनकी सबसे प्रसिद्ध कृति क्या है?

वंश भास्कर।

5. Which languages did he know? | वे किन भाषाओं में पारंगत थे?

डिंगल, पिंगल, संस्कृत, पालि, अपभ्रंश, अरबी, फारसी।

6. Who was his patron? | उनका संरक्षक कौन था?

महाराव रामसिंह।

7. When did he die? | सूर्यमल्ल मिश्रण का निधन कब हुआ?

1865 ई.

8. Name a work related to freedom struggle. | स्वतंत्रता संग्राम से जुड़ी उनकी रचना कौन सी है?

वीर सतसई।

9. How many languages are in Vansh Bhaskar? | वंश भास्कर में कितनी भाषाएँ हैं?

5–6 भाषाएँ।

10. What style did he follow? | सूर्यमल्ल मिश्रण की शैली क्या थी?

सत्य पर आधारित।

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