Munshi Devi Prasad मुंशी देवी प्रसाद, जयपुर– राजस्थान के इतिहासकार व कानूनविद मुंशी देवी प्रसाद (1848–1923) ने मारवाड़ राज्य के कानून बनाए और कई ऐतिहासिक ग्रंथ लिखे।
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ToggleEarly Life and Education | प्रारंभिक जीवन और शिक्षा
जन्म: 18 फरवरी 1848 ई., जयपुर।
शिक्षा: अरबी, फारसी और उर्दू।
16 वर्ष की आयु में अजमेर तहसील कार्यालय में नौकरी।
Legal Contributions | कानूनी योगदान
1. 1879 ई. में जोधपुर में महकमा अपील के नायब नियुक्त।
2. मारवाड़ राज्य के पहले कानून बनाए।
3. कानून विषयक 13 पुस्तकें लिखीं।
4. उपाधि: “कानून की माता” और “कानूनी”।
Historical and Literary Works | ऐतिहासिक और साहित्यिक कृतियाँ
मारवाड़ का भूगोल।
राव मालदेव का जीवन चरित्र।
राजा भारमल।
प्रतिहार वंश प्रकाश।
बाबरनामा, हुमायूँनामा, अकबरनामा, शेरशाहनामा, शाहजहाँनामा (हिन्दी और उर्दू समानांतर)।
Research Sources | शोध स्रोत
शिलालेख, दानपत्र, पट्टे, ताम्रपत्र।
प्राचीन तस्वीरें, जन्मपत्रियाँ।
चारण, भाट, सेवग, ढाढ़ी और डिंगल कवियों की कविताएँ।
Special Recognition | विशेष उपाधियाँ
नैणसी को “राजपुताने का अबुल फजल” कहा।
रायसिंह को “राजपूताने का कर्ण” की उपाधि दी।
Death | निधन
1923 ई., जोधपुर।
सारांश (Summary in Hindi)
मुंशी देवी प्रसाद (1848–1923 ई.) राजस्थान के महान इतिहासकार और कानूनविद थे। उनका जन्म 18 फरवरी 1848 को जयपुर में हुआ। उन्होंने अरबी, फारसी और उर्दू की शिक्षा प्राप्त की और 16 वर्ष की अल्पायु में अजमेर तहसील कार्यालय में कार्य करना शुरू किया। 1879 में वे जोधपुर महकमा अपील के नायब बने और वहीं से उनका कानूनी कार्य शुरू हुआ। उन्होंने मारवाड़ राज्य का विधिक ढांचा तैयार किया और कानून विषयक 13 पुस्तकें लिखीं। इस कारण उन्हें “कानून की माता” और “कानूनी” कहा गया। उन्होंने इतिहास लेखन में प्राचीन शिलालेखों, ताम्रपत्रों, जन्मपत्रियों, चारण-भाटों की कविताओं और दस्तावेजों का प्रयोग किया। उनकी प्रसिद्ध कृतियों में मारवाड़ का भूगोल, राव मालदेव का जीवन चरित्र, राजा भारमल और प्रतिहार वंश प्रकाश शामिल हैं। उन्होंने बाबरनामा, हुमायूँनामा, अकबरनामा आदि को हिन्दी और उर्दू दोनों में प्रकाशित कराया। उन्होंने नैणसी को “राजपुताने का अबुल फजल” और बीकानेर के रायसिंह को “राजपूताने का कर्ण” कहा। उनका निधन 1923 में जोधपुर में हुआ।
Facts Table (तथ्य तालिका)
तथ्य |
विवरण |
| जन्म | 18 फरवरी 1848, जयपुर |
| शिक्षा | अरबी, फारसी, उर्दू |
| उपाधि | कानून की माता, कानूनी |
| प्रमुख ग्रंथ | मारवाड़ का भूगोल, प्रतिहार वंश प्रकाश |
| निधन | 1923, जोधपुर |
FAQs (Frequently Asked Questions – अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न)
1. Who was Munshi Devi Prasad? | मुंशी देवी प्रसाद कौन थे?
इतिहासकार।
2. When was Munshi Devi Prasad born? | मुंशी देवी प्रसाद का जन्म कब हुआ?
1848।
3. Where was he born? | उनका जन्म कहाँ हुआ?
जयपुर।
4. What was his first job? | उनकी पहली नौकरी क्या थी?
तहसील कार्यालय।
5. When did he become Nayab of Mahkama Appeal? | वे महकमा अपील के नायब कब बने?
1879।
6. How many law books did he write? | उन्होंने कितनी कानून पुस्तकें लिखीं?
13।
7. Which book is his geographical work? | उनकी भूगोल संबंधी कृति कौन-सी है?
मारवाड़ का भूगोल।
8. Which ruler was called Karna of Rajputana? | किसे राजपूताने का कर्ण कहा गया?
रायसिंह।
9. Who was called Abul Fazl of Rajputana? | किसे राजपूताने का अबुल फजल कहा गया?
नैणसी।
10. When did Munshi Devi Prasad die? | मुंशी देवी प्रसाद का निधन कब हुआ?
1923।
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