Bagor Civilization, Bhilwara (बागौर सभ्यता, भीलवाड़ा)

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Bagor Civilization, Bhilwara is one of the oldest Neolithic settlements in Rajasthan, discovered near Kothari River dating back to 3000–500 BCE.

1. Introduction (परिचय)

Bagor Civilization (बागौर सभ्यता) राजस्थान की सबसे प्राचीन नवपाषाण (Neolithic) बस्तियों में से एक है। यह भीलवाड़ा से 25 किमी दूर कोठारी नदी के किनारे स्थित है। यहाँ से मिले प्रमाण मानव के प्रारंभिक कृषि और पशुपालन जीवन की झलक दिखाते हैं।

2. Discovery and Excavation (खोज और उत्खनन)

उत्खनन वर्ष 1967-68 में हुआ।

प्रमुख पुरातत्वविद् – डॉ. वीरेंद्रनाथ मिश्र, डॉ. एल.एस. लेश्निक,

डेक्कन कॉलेज पूना और राजस्थान पुरातत्व विभाग के संयुक्त प्रयास से खुदाई हुई।

खुदाई से यहाँ मानव बस्ती, उपकरण, और समाधियों के प्रमाण मिले।

3. Time Period (काल अवधि)

लगभग 3000 ई.पू. से 500 ई.पू. तक इस सभ्यता का विकास हुआ।

यह प्रागैतिहासिक से ऐतिहासिक युग में संक्रमण की अवस्था दर्शाती है।

4. Main Findings (मुख्य प्राप्तियाँ)

1. लघुपाषाण उपकरण (Microlithic tools)

2. पत्थर के हथौड़े और गोफन की गोलियाँ

3. चपटी व गोल शिलाएँ, छेद वाले पत्थर

4. एक मानव कंकाल और ईंटों की समाधि

5. तांबे के पाँच उपकरण, जिनमें एक 10.5 सेमी की छेद वाली सुई प्रमुख है।

5. Lifestyle and Occupation (जीवनशैली व व्यवसाय)

यहाँ के लोग कृषि, पशुपालन और आखेट (hunting) करते थे।

घरेलू जीवन व्यवस्थित था —

पशुपालन के लिए गाय, भेड़-बकरी पालते थे।

कृषि में अनाज उगाते थे।

मछली पकड़ना और शिकार भी सामान्य था।

6. Architecture and Tools (वास्तुकला और उपकरण)

मकान पत्थरों से निर्मित थे, जो स्थायी निवास को दर्शाते हैं।

मिट्टी के बर्तनों में लोटा, थाली, कटोरे और बोतलें मिलीं।

उपकरण तांबे और पत्थर दोनों के बने थे।

7. Importance (महत्व)

बागौर से भारत में कृषि और पशुपालन के सबसे प्राचीन प्रमाण मिले हैं।

यह सभ्यता मानव के शिकारी जीवन से कृषक जीवन की ओर संक्रमण को दर्शाती है।

राजस्थान की सांस्कृतिक और पुरातात्त्विक धरोहर के रूप में यह अत्यंत महत्वपूर्ण है।

8. सारांश (Summary)

बागौर सभ्यता, राजस्थान के भीलवाड़ा जिले में स्थित, भारतीय पुरातत्व के इतिहास में अत्यंत महत्वपूर्ण खोजों में से एक है। कोठारी नदी के किनारे यह स्थल नवपाषाण युग से लेकर लौह युग तक के विकास की झलक प्रस्तुत करता है। 1967-68 में डॉ. वीरेंद्रनाथ मिश्र और डॉ. एल.एस. लेश्निक द्वारा की गई खुदाई से यहाँ से पत्थर और तांबे के उपकरण, समाधियाँ, लघुपाषाण औजार, बर्तन तथा मानव अस्थियाँ मिलीं। इनसे यह स्पष्ट होता है कि यहाँ के लोग कृषि, पशुपालन और शिकार जैसे कार्यों में संलग्न थे। पत्थर के बने मकान इस बात का प्रमाण हैं कि यह समुदाय स्थायी निवास करता था। बागौर से भारत में कृषि और पशुपालन के सबसे पुराने साक्ष्य प्राप्त हुए हैं, जो इसे भारतीय उपमहाद्वीप की प्रारंभिक सभ्यताओं में एक विशिष्ट स्थान प्रदान करते हैं। यह स्थल न केवल पुरातात्त्विक दृष्टि से बल्कि सांस्कृतिक विकास के अध्ययन में भी अत्यंत महत्वपूर्ण है।

9. Facts Table (तथ्य तालिका)

तथ्य

 विवरण

स्थान कोठारी नदी किनारे, भीलवाड़ा (राजस्थान)
उत्खनन  वर्ष 1967–68
प्रमुख पुरातत्वविद्  डॉ. वीरेंद्रनाथ मिश्र, डॉ. एल.एस. लेश्निक
काल अवधि 3000 ई.पू. – 500 ई.पू.
प्रमुख विशेषता   कृषि और पशुपालन के प्राचीनतम साक्ष्य

10. FAQs (अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न)

Q1. What is Bagor Civilization? (बागौर सभ्यता क्या है?)

बागौर सभ्यता राजस्थान की एक प्राचीन नवपाषाण बस्ती है।

Q2. Where is Bagor located? (बागौर कहाँ स्थित है?)

यह भीलवाड़ा जिले में कोठारी नदी के किनारे स्थित है।

Q3. When was Bagor excavated? (बागौर की खुदाई कब हुई?)

1967-68 में उत्खनन हुआ।

Q4. Who excavated Bagor site? (बागौर स्थल की खुदाई किसने की?)

डॉ. वीरेंद्रनाथ मिश्र और डॉ. एल.एस. लेश्निक ने।

Q5. What is the time period of Bagor Civilization? (इस सभ्यता का काल क्या है?)

3000 ई.पू. से 500 ई.पू.।

Q6. What were the people’s occupations? (यहाँ के लोग क्या करते थे?)

वे कृषि, पशुपालन और आखेट करते थे।

Q7. What materials were found? (क्या सामग्री मिली?)

पत्थर और तांबे के उपकरण, बर्तन, समाधियाँ।

Q8. What type of houses were found? (यहाँ के मकान कैसे थे?)

पत्थरों से बने स्थायी मकान।

Q9. What is the importance of Bagor? (बागौर का महत्व क्या है?)

यह भारत में कृषि और पशुपालन के सबसे पुराने प्रमाण देता है।

Q10. Which river is near Bagor? (कौन सी नदी बागौर के पास है?)

कोठारी नदी।

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