चित्तौड़ का किला (Chittorgarh Fort Rajasthan) भारत का सबसे बड़ा किला है जो 28 वर्ग किमी क्षेत्र में फैला है। 1810 फीट ऊँचे पठार पर स्थित यह किला गंभीरी और बेड़च नदियों के संगम पर बना है। गुहिल वंश, राणा हम्मीर, महाराणा कुंभा और मीराबाई से जुड़ा यह किला इतिहास, स्थापत्य और बलिदानों का प्रतीक है।
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Toggleचित्तौड़ का किला – परिचय
वास्तविक नाम: चित्रकूट दुर्ग
प्रकार: गिरि दुर्ग (Hill Fort)
स्थान: गंभीरी व बेड़च नदियों का संगम
क्षेत्रफल: 28 वर्ग किमी
परिधि: 13 किमी
ऊँचाई: 1810 फीट (616 मीटर पठार)
विशेषता: भारत का सबसे बड़ा और लंबा किला
ऐतिहासिक पृष्ठभूमि
स्थापना: माना जाता है कि मौर्य वंशीय राजा चित्रांग (चित्रांगद) ने बनवाया
नाम: चित्रकूट → चित्तौड़
8वीं शताब्दी: वप्पा रावल (गुहिल वंश) ने अधिकार किया
1174 ई.: गुहिलवंशी क्षत्रियों का नियंत्रण
1303 ई.: अलाउद्दीन खिलजी ने रावल रतनसिंह को हराया, किला खिजाबाद नाम से पुत्र को दिया
1326 ई.: राणा हम्मीर ने पुनः अधिकार
1440-48 ई.: महाराणा कुंभा ने विजय स्तंभ बनवाया
1567 ई.: अकबर ने राणा उदयसिंह को हराया
1615 ई.: जहाँगीर ने किला अमरसिंह को लौटाया
स्वतंत्रता तक: मेवाड़ के महाराणाओं के अधीन
दुर्ग का स्थापत्य और द्वार
मेसा पठार पर स्थित
सात विशाल प्रवेश द्वार (पोल):
1. पाडनपोल – मुख्य द्वार
2. भरवपोल
3. हनुमानपोल
4. गणेशपोल
5. जोडलापोल
6. लक्ष्मणपोल
7. रामपोल – सामने पत्ता सिसोदिया का स्मारक
पूर्वी द्वार: सूरजपोल (प्राचीन प्रवेश मार्ग)
उत्तर द्वार: लाखोटा की बारी
प्रमुख आकर्षण (Major Attractions)
पद्मिनी महल (Rani Padmini Palace) – जौहर गाथा से प्रसिद्ध
कालिका माता मंदिर – धार्मिक महत्व
मीराबाई मंदिर – भक्ति स्थली
समिधेश्वर मंदिर – मोकलजी द्वारा निर्मित
जैन मंदिर (27 देवरी, श्रृंगार चंवरी)
गोरा और बादल महल
जयमल और फत्ता की हवेलियाँ
नवलखा भण्डार
विजय स्तंभ (Victory Tower) – 1440-48 ई. में कुंभा द्वारा निर्मित, हिंदू देवी-देवताओं का अजायबघर
तोपखाना और भामाशाह हवेली
फतह प्रकाश महल (Museum) – मूर्तियाँ, शिलालेख, शिल्प सामग्री
जल स्रोत (Water Reservoirs)
रलेश्वर तालाब
कुम्भ सागर तालाब
हाथीकुण्ड
भीमलत तालाब
चित्रांग मोरी तालाब
झाली रानी तालाब
सारांश
चित्तौड़ का किला (Chittorgarh Fort) राजस्थान ही नहीं बल्कि पूरे भारत का सबसे विशाल और गौरवशाली किला माना जाता है। 1810 फीट ऊँचे पठार और 28 वर्ग किमी क्षेत्रफल में फैला यह दुर्ग सामरिक दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण था क्योंकि यह दिल्ली से गुजरात और मालवा जाने वाले मार्ग पर स्थित था। इसका वास्तविक नाम चित्रकूट दुर्ग है, जिसे मौर्य वंशीय राजा चित्रांग ने बनवाया। आठवीं शताब्दी में वप्पा रावल ने इस पर अधिकार किया और फिर यह सदियों तक मेवाड़ के गुहिलवंशीय राणाओं के अधीन रहा।
चित्तौड़ ने कई युद्ध और बलिदान देखे – 1303 में अलाउद्दीन खिलजी का आक्रमण, 1567 में अकबर का अधिकार, और कई बार जौहर की घटनाएँ। महाराणा कुंभा द्वारा निर्मित विजय स्तंभ, रानी पद्मिनी का महल, मीराबाई मंदिर और कालिका माता मंदिर यहाँ के प्रमुख स्थल हैं। इस किले के भीतर मंदिर, महल, तोपखाने और जलाशय इसे और भी भव्य बनाते हैं।
आज चित्तौड़ का किला UNESCO World Heritage Site के रूप में भारत की शौर्य, बलिदान और स्थापत्य की महान धरोहर है।
Facts Table – चित्तौड़ का किला
| तथ्य | विवरण |
| वास्तविक नाम | चित्रकूट दुर्ग |
| स्थान | गंभीरी व बेड़च नदियों का संगम |
| क्षेत्रफल | 28 वर्ग किमी |
| प्रमुख शासक | राणा हम्मीर, कुंभा, उदयसिंह |
| प्रसिद्ध स्थल | विजय स्तंभ, पद्मिनी महल, मीराबाई मंदिर |
FAQs (अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न)
Q1. चित्तौड़ का किला किसने बनवाया था?
Ans. मौर्य वंशीय राजा चित्रांग (चित्रांगद) ने, जिसे बाद में वप्पा रावल ने जीता।
Q2. चित्तौड़ का किला किस नदी के पास है?
Ans. यह गंभीरी और बेड़च नदियों के संगम पर स्थित है।
Q3. चित्तौड़ का किला किस प्रकार का दुर्ग है?
Ans. यह गिरि दुर्ग (Hill Fort) है।
Q4. विजय स्तंभ किसने बनवाया था?
Ans. महाराणा कुंभा ने 1440-48 ई. में मालवा के सुल्तान पर विजय के उपलक्ष्य में।
Q5. चित्तौड़ का किला किसके लिए प्रसिद्ध है?
Ans. इसके विशाल आकार, ऐतिहासिक युद्धों, बलिदानों और स्थापत्य कला के लिए।
Q6. चित्तौड़ के किले में कितने द्वार हैं?
Ans. सात मुख्य द्वार – पाडनपोल से रामपोल तक।
Q7. अकबर ने चित्तौड़ का किला कब जीता था?
Ans. 1567 ई. में राणा उदयसिंह को हराकर।
Q8. मीराबाई मंदिर कहाँ स्थित है?
Ans. चित्तौड़ दुर्ग परिसर के भीतर।
Q9. UNESCO ने चित्तौड़ को कब शामिल किया?
Ans. 2013 में इसे UNESCO World Heritage Site घोषित किया गया।
Q10. आज चित्तौड़ के किले में क्या देखने लायक है?
Ans. विजय स्तंभ, पद्मिनी महल, मीराबाई मंदिर, संग्रहालय, जैन मंदिर और जलाशय।
