बैराठ (विराटनगर) जयपुर – प्राचीन इतिहास और पुरातात्विक महत्व | Bairat (Viratnagar) Jaipur Ancient History and Archaeology

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Bairat (Viratnagar) बैराठ जयपुर राजस्थान का एक प्राचीन ऐतिहासिक स्थल है, जहाँ मौर्य सम्राट अशोक के शिलालेख, बौद्ध अवशेष और महाभारत कालीन विराटनगर के प्रमाण मिले हैं।


1. Introduction / परिचय

बैराठ (वर्तमान विराटनगर, जयपुर जिला) राजस्थान का अत्यंत प्राचीन स्थल है।

यह स्थान प्राचीन मत्स्य जनपद की राजधानी रहा है।

यहाँ से मौर्यकाल, बौद्धकाल, महाभारतकाल और मुगलकाल – चारों कालों के अवशेष मिले हैं।

बैराठ का ऐतिहासिक और सांस्कृतिक महत्व अत्यधिक है।

2. Discovery and Early Explorations / खोज और प्रारंभिक अध्ययन

1. 1837 ई. में कैप्टन बर्ट ने बैराठ की खोज की।

2. उन्होंने यहाँ मौर्य सम्राट अशोक का पहला भाबू शिलालेख खोजा।

3. यह शिलालेख 1840 ई. में एशियाटिक सोसाइटी, कलकत्ता में सुरक्षित किया गया।

4. कैप्टन किटोई ने इसका लिथोग्राफ, लिप्यंतरण और अनुवाद तैयार किया।

5. बाद में 1864–65 में डॉ. कनिंघम और 1871–72 में डॉ. कार्लाइल ने क्षेत्र का अध्ययन किया।

3. Ashokan Inscriptions / अशोक के शिलालेख

भीमसेन की पहाड़ी से अशोक का दूसरा शिलालेख मिला।

इस लेख का संपादन बुहलर और सेर्नाट ने किया।

1910 ई. में डॉ. डी.आर. भण्डारकर ने क्षेत्र का विस्तृत सर्वेक्षण किया।

इन लेखों से पता चलता है कि अशोक को बुद्ध, धम्म और संघ में गहरी आस्था थी।

4. Archaeological Excavations / पुरातात्विक उत्खनन

1. दयाराम साहनी (1936–37) ने बीजक की पहाड़ी और भीमजी की डूंगरी का उत्खनन किया।

2. नीलरत्न बनर्जी और कैलाशनाथ दीक्षित (1962–63) ने यहाँ ईंट, काँच, और छेददार उपकरण खोजे।

3. यहाँ 36 मुद्राएँ मिलीं – 8 पंचमार्क चाँदी की और 28 यूनानी शासकों की।

4. मिनेण्डर की 16 मुद्राएँ सबसे प्रमुख हैं।

5. मृद्भाण्डों पर स्वास्तिक और त्रिरत्न चिन्ह बने हुए मिले हैं।

5. Epic References – Viratnagar in Mahabharata / महाभारत में विराटनगर का उल्लेख

महाभारत के अनुसार, पाण्डवों ने अपना अज्ञातवास विराटनगर में बिताया।

राजा विराट की पुत्री उत्तरा का विवाह अभिमन्यु से हुआ था।

कीचक का वध भी यहीं हुआ था।

भीमसेन द्वारा बनाया गया भीमताल आज भी मौजूद है।

यहाँ गायों के खुरों के निशान और कीचक के राजमहल वाली पहाड़ी के अवशेष हैं।

6. Buddhist Remains / बौद्ध अवशेष

1. वर्ष 1999 में बीजक की पहाड़ी से अशोककालीन गोल बौद्ध मंदिर, स्तूप और मठ मिले।

2. ये हीनयान सम्प्रदाय से संबंधित हैं और भारत के प्राचीनतम मंदिरों में गिने जाते हैं।

3. यहाँ एक स्वर्ण मंजूषा भी मिली जिसमें भगवान बुद्ध के अस्थि अवशेष थे।

4. सभी अवशेष मौर्यकालीन हैं।

7. Shankha Script Evidence / शंख लिपि के प्रमाण

विराटनगर की ग्रेनाइट पहाड़ियों की गुफाओं में शंख लिपि के कई प्रमाण मिले हैं।

यह लिपि सैंधव लिपि के बाद सबसे रहस्यमयी भारतीय लिपि मानी जाती है।

इसके अक्षर शंख (conch shell) की आकृति से मिलते हैं।

8. Mughal Era Coins and Architecture / मुगलकालीन टकसाल व स्थापत्य

1. यहाँ अकबर, जहाँगीर और अन्य मुगल शासकों के सिक्के मिले हैं।

2. इन सिक्कों पर टकसाल का नाम “बैराठ” अंकित है।

3. मुगल द्वार का निर्माण 16वीं शताब्दी में अकबर ने करवाया था।

4. यहाँ मुगलकालीन टकसाल के प्रमाण भी मिले हैं।

9. सारांश (Summary)

बैराठ, जिसे प्राचीन काल में विराटनगर कहा जाता था, राजस्थान के जयपुर जिले का अत्यंत प्राचीन और ऐतिहासिक नगर है। यहाँ मौर्यकाल, महाभारत काल, बौद्ध काल और मुगल काल – सभी युगों के अवशेष पाए गए हैं। 1837 ई. में कैप्टन बर्ट द्वारा खोजे गए अशोक के शिलालेखों से यह क्षेत्र इतिहास की दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण सिद्ध हुआ। भीमसेन की डूंगरी, बीजक की पहाड़ी और गणेश डूंगरी जैसे स्थलों पर उत्खनन से मौर्यकालीन अवशेष, स्वर्ण मंजूषा, बुद्ध अस्थियाँ, बौद्ध मठ और स्तूप मिले हैं। विराटनगर का उल्लेख महाभारत में भी मिलता है, जहाँ पाण्डवों ने अज्ञातवास बिताया था। यह स्थल न केवल धार्मिक बल्कि सांस्कृतिक, राजनीतिक और कलात्मक दृष्टि से भी राजस्थान की गौरवशाली धरोहर है। शंख लिपि के प्रमाण, यूनानी सिक्के, और मुगलकालीन टकसाल इस क्षेत्र की ऐतिहासिक निरंतरता को दर्शाते हैं।

10. Facts Table (तथ्य तालिका)

 तथ्य

 विवरण

 खोजकर्ता कैप्टन बर्ट (1837 ई.)
 अशोक शिलालेख भाबू शिलालेख (विराटनगर)
उत्खननकर्ता दयाराम साहनी, नीलरत्न बनर्जी
 बौद्ध अवशेष  गोल मंदिर, स्तूप, स्वर्ण मंजूषा
शिलालेख लिपि  शंख लिपि के प्रमाण

11. FAQs (अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न)

1. बैराठ की खोज किसने की थी?

कैप्टन बर्ट ने 1837 ई. में।

2. विराटनगर किस जनपद की राजधानी थी?

मत्स्य जनपद की।

3. अशोक का प्रथम शिलालेख कहाँ मिला?

विराटनगर (बैराठ) में।

4. अशोक के शिलालेख किसके प्रति निष्ठा दिखाते हैं?

बुद्ध, धम्म और संघ के प्रति।

5. बौद्ध अवशेष कब मिले?

1999 में बीजक की पहाड़ी से।

6. कौन-सा सम्प्रदाय यहाँ से संबंधित है?

हीनयान सम्प्रदाय।

7. विराटनगर में कौन-सी रहस्यमयी लिपि मिली?

शंख लिपि।

8. महाभारत में विराटनगर का क्या महत्व है?

पाण्डवों ने यहाँ अज्ञातवास बिताया था।

9. यहाँ से कौन-सी मुद्राएँ मिलीं?

पंचमार्क और यूनानी शासकों की।

10. मुगल काल में बैराठ का क्या महत्व था?

यहाँ मुगल टकसाल और मुगल द्वार स्थित थे।

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