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Festivals of Jyeshtha Month |ज्येष्ठ माह के त्यौहार

Festivals of Jyeshtha Month |ज्येष्ठ माह के त्यौहार

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Festivals of Jyeshtha Months  ज्येष्ठ माह के त्यौहार जैसे वट सावित्री व्रत, गंगा दशहरा और निर्जला एकादशी का महत्व, धार्मिक परंपराएँ और आस्था से जुड़ी कथाएँ इस लेख में विस्तार से पढ़ें।


 Introduction (परिचय)

ज्येष्ठ माह भारतीय पंचांग का एक विशेष मास है, जिसमें आस्था, व्रत और धार्मिक पर्वों की धूम रहती है। इस माह में स्त्रियाँ अखण्ड सौभाग्य की कामना करती हैं, गंगा का अवतरण दिवस मनाया जाता है और निर्जला एकादशी का कठिन व्रत धारण किया जाता है।

Vat Savitri Vrat (वट सावित्री व्रत / बड़मावस)

तिथि: ज्येष्ठ अमावस्या

विवरण: यह पर्व विवाहित स्त्रियों के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है। इस दिन वे वट वृक्ष (बरगद) की पूजा करती हैं और अखण्ड सौभाग्य की कामना करती हैं।

धार्मिक महत्व: स्त्रियाँ सत्यवान-सावित्री की कथा सुनती हैं, जिसमें सावित्री ने अपने पति को यमराज से पुनः जीवन दिलाया था।

 Ganga Dussehra (गंगा दशहरा)

तिथि: ज्येष्ठ शुक्ल दशमी

विवरण: इस दिन गंगा जी के धरती पर अवतरण का उत्सव मनाया जाता है।

महत्व: गंगा स्नान, दान और व्रत से पापों का नाश होता है और मोक्ष की प्राप्ति का मार्ग प्रशस्त होता है।

Nirjala Ekadashi (निर्जला एकादशी)

तिथि: ज्येष्ठ शुक्ला एकादशी

विवरण: इस व्रत को सबसे कठिन और श्रेष्ठ माना गया है। इसमें सूर्योदय से अगले दिन सूर्योदय तक जल का सेवन नहीं किया जाता।

धार्मिक महत्व: यह व्रत करने से वर्ष की सभी एकादशियों का पुण्यफल प्राप्त होता है।

 Significance of Jyeshtha Month (ज्येष्ठ माह का महत्व)

यह मास गर्मी का प्रमुख काल माना जाता है।

व्रत और पूजा से शरीर में संयम और आत्मबल बढ़ता है।

गंगा दशहरा और निर्जला एकादशी जैसे पर्व मोक्षदायी माने जाते हैं।

स्त्रियों के लिए वट सावित्री व्रत अखण्ड सौभाग्य का प्रतीक है।

Facts Table (तथ्य सारणी)

पर्व/ व्रत

 तिथि

 

महत्व प्रमुख कार्य लाभ

वट सावित्री व्रत  ज्येष्ठ अमावस्या   अखण्ड सौभाग्य वट वृक्ष पूजा, कथा दीर्घायु पति, सौभाग्य
गंगा दशहरा  ज्येष्ठ शुक्ल दशमी   गंगा अवतरण दिवस गंगा स्नान, दान पापमोचन, मोक्ष
निर्जला एकादशी  ज्येष्ठ शुक्ल एकादशी   सभी एकादशियों का फल उपवास, जल त्याग पुण्यफल, मोक्ष
स्त्रियों का व्रत  ज्येष्ठ मास  सौभाग्य व दीर्घायु की कामना पूजा और कथा पारिवारिक सुख
ग्रीष्मकालीन व्रत   ज्येष्ठ मास   आत्मसंयम और साधना संयमित आहार-विहार स्वास्थ्य लाभ

 FAQs (प्रश्नोत्तर)

1. ज्येष्ठ मास में प्रमुख पर्व कौन-कौन से हैं?

 वट सावित्री व्रत, गंगा दशहरा और निर्जला एकादशी।

2. वट सावित्री व्रत किसके लिए महत्वपूर्ण है?

 विवाहित स्त्रियों के लिए, अखण्ड सौभाग्य की प्राप्ति हेतु।

3. गंगा दशहरा किस दिन मनाया जाता है?

 ज्येष्ठ शुक्ल दशमी को।

4. निर्जला एकादशी का व्रत क्यों कठिन है?

 इसमें 24 घंटे तक जल का भी त्याग करना पड़ता है।

5. निर्जला एकादशी का महत्व क्या है?

 यह सभी एकादशियों के व्रत का पुण्यफल प्रदान करती है।

6. सावित्री व्रत की कथा किससे संबंधित है?

 सत्यवान-सावित्री और यमराज की कथा से।

7. गंगा दशहरा का मुख्य कार्य क्या है?

 गंगा स्नान और दान।

8. ज्येष्ठ माह का ऋतु कौन-सी है?

ग्रीष्म ऋतु।

9. वट वृक्ष की पूजा क्यों की जाती है?

 इसे दीर्घायु और अखण्ड सौभाग्य का प्रतीक माना जाता है।

10. निर्जला एकादशी से क्या लाभ होता है?

 समस्त पापों का नाश और मोक्ष की प्राप्ति।

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