Jan Kavi जान कवि जीवन परिचय – फतेहपुर शेखावटी के न्यामत खां उर्फ जान कवि की प्रमुख रचनाएँ, भक्ति और श्रृंगार रस से ओतप्रोत ग्रंथ एवं साहित्यिक योगदान जानें।
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जन्म एवं प्रारंभिक जीवन (Birth & Early Life)
जन्म: फतेहपुर शेखावटी, कायमखानी नवाब अलफखां के परिवार में
पिता: न्यामत खां (उपनाम: जान कवि)
परिवार: अलफखां के पाँच पुत्रों में से दूसरे
धार्मिक दृष्टिकोण: धर्मान्ध नहीं, अपने चौहान पूर्वजों पर गर्व
साहित्यिक रचनाएँ (Literary Works)
कुल रचनाएँ: लगभग 75 ग्रंथ
प्रमुख ग्रंथ:
1. कायम रासो
2. विरह शतक
3. भाव शतक
4. शिक्षा सागर
5. कवि वल्लभबुद्धि सागर
6. मदन विनोद (श्रृंगार रस प्रधान)
विशेषता: अधिकांश ग्रंथ भक्ति भाव से ओतप्रोत, कुछ श्रृंगार रस से भरे
पंचतंत्र आधारित काव्य: बुद्धि सागर
साहित्यिक महत्त्व (Importance in Literature)
भक्ति, ज्ञान और श्रृंगार रस का समन्वय
धार्मिक कट्टरता से मुक्त दृष्टिकोण
राजस्थान के शेखावटी क्षेत्र में कवि-परंपरा का प्रतिनिधित्व
समाज और संस्कृति पर गहन प्रभाव
सारांश (Summary)
जान कवि फतेहपुर शेखावटी के न्यामत खां के रूप में प्रसिद्ध थे। वे कायमखानी नवाब अलफखां के पांच पुत्रों में से दूसरे थे। उन्होंने लगभग 75 ग्रंथ लिखे, जिनमें भक्ति, श्रृंगार और ज्ञान का समृद्ध मिश्रण देखने को मिलता है। कायम रासो, विरह शतक, भाव शतक, शिक्षा सागर, कवि वल्लभबुद्धि सागर और मदन विनोद जैसी रचनाएँ उनकी लेखनी की महत्ता को दर्शाती हैं। विशेष रूप से बुद्धि सागर पंचतंत्र पर आधारित काव्य है और शिक्षा, नैतिकता और जीवन दृष्टिकोण का संदेश देता है। जान कवि के ग्रंथों में धार्मिक कट्टरता नहीं दिखाई देती और वे अपने चौहान पूर्वजों के प्रति गर्व महसूस करते थे। उनकी रचनाएँ भक्ति रस और श्रृंगार रस का सुंदर मिश्रण प्रस्तुत करती हैं। राजस्थान के साहित्यिक इतिहास में जान कवि की भूमिका अत्यंत महत्त्वपूर्ण मानी जाती है।
तथ्य तालिका (Facts Table)
विषय |
विवरण |
| नाम | न्यामत खां (उपनाम: जान कवि) |
| जन्म | फतेहपुर शेखावटी, कायमखानी नवाब अलफखां के परिवार में |
| कुल ग्रंथ | लगभग 75 |
| प्रमुख रचना | कायम रासो, विरह शतक, भाव शतक, बुद्धि सागर, मदन विनोद |
| साहित्यिक विशेषता | भक्ति और श्रृंगार रस का मिश्रण |
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQs)
Q1. जान कवि का असली नाम क्या था?
उनका असली नाम न्यामत खां था, उपनाम जान कवि।
Q2. जान कवि कितने ग्रंथ लिखे?
लगभग 75 ग्रंथ।
Q3. उनके प्रमुख ग्रंथ कौन-से हैं?
कायम रासो, विरह शतक, भाव शतक, शिक्षा सागर, कवि वल्लभबुद्धि सागर, मदन विनोद।
Q4. बुद्धि सागर काव्य किस पर आधारित है?
पंचतंत्र पर आधारित।
Q5. जान कवि के ग्रंथों की विशेषता क्या है?
भक्ति और श्रृंगार रस से ओतप्रोत, धार्मिक कट्टरता से मुक्त।
Q6. जान कवि का जन्म कहाँ हुआ था?
फतेहपुर शेखावटी, राजस्थान।
Q7. जान कवि अपने पूर्वजों के बारे में क्या मानते थे?
वे अपने चौहान पूर्वजों पर गर्व करते थे।
Q8. उनके ग्रंथों में किस रस का प्रमुख प्रयोग है?
भक्ति रस और श्रृंगार रस।
Q9. उनके साहित्यिक योगदान का महत्त्व क्या है?
राजस्थान के साहित्य और लोकसंस्कृति में अद्वितीय योगदान।
Q10. जान कवि के ग्रंथ किस प्रकार के संदेश देते हैं?
नैतिकता, भक्ति और जीवन दृष्टिकोण का संदेश।
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