Achalgarh Fort (अचलगढ़ दुर्ग) राजस्थान के सिरोही जिले के माउंट आबू में स्थित एक प्रसिद्ध गिरि दुर्ग है। इसका निर्माण परमार राजपूतों ने 900 ईस्वी के आसपास करवाया और महाराणा कुंभा ने 1452 ई. में इसका पुनर्निर्माण किया। सामरिक दृष्टि से यह गुजरात आक्रमणों के विरुद्ध महत्वपूर्ण रहा। महमूद बेगड़ा के आक्रमण, भंवराथल की कथा, अचलेश्वर महादेव मंदिर, मन्दाकिनी कुण्ड, कपूर सागर, सावन-भादों झील और राजप्रासाद के भग्नावशेष इसकी ऐतिहासिक धरोहर को दर्शाते हैं।
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1. परिचय (Introduction)
स्थान → माउंट आबू, सिरोही जिला, राजस्थान
दुर्ग प्रकार → गिरि दुर्ग (Hill Fort)
यूनेस्को recognition → Hill Forts of Rajasthan
2. निर्माण व पुनर्निर्माण
मूल निर्माण → परमार राजपूत, 900 ईस्वी
पुनर्निर्माण → महाराणा कुंभा, 1452 ईस्वी
आकार बड़ा किया गया
3. सामरिक महत्व
गुजरात से संभावित आक्रमण रोकने हेतु
सीमा सुरक्षा में अहम भूमिका
4. महमूद बेगड़ा का आक्रमण
अचलेश्वर मंदिर व नंदी प्रतिमाएँ खंडित
देव प्रतिमाएँ नष्ट की गईं
5. भंवराथल की जनश्रुति
आक्रमण के बाद लौटते समय मधुमक्खियों का झुंड टूटा
आक्रमणकारी सेना भयभीत होकर भागी
स्थान आज भी “भंवराथल” कहलाता है
6. स्थापत्य विशेषताएँ
6.1 प्राचीर व बुर्ज
मजबूत प्राचीर
विशाल बुर्ज (watch towers)
6.2 अचलेश्वर महादेव मंदिर
शिव मंदिर
नंदी प्रतिमा
6.3 मन्दाकिनी कुण्ड व कपूर सागर
जल स्रोत
धार्मिक महत्व
6.4 सावन-भादों झील
प्राकृतिक जल संग्रहण
वर्षा ऋतु में सुंदर दृश्य
6.5 कुम्भा महल व ओखा रानी महल
राजप्रासाद के भग्नावशेष
ऐतिहासिक धरोहर
6.6 Alarm Tower (खतरे की सूचना बुर्ज)
परमार वंश द्वारा निर्मित
आक्रमण की सूचना देने हेतु
7. सांस्कृतिक महत्व
धार्मिक → अचलेश्वर महादेव मंदिर
ऐतिहासिक → कुंभा स्थापत्य का उदाहरण
लोकश्रुति → भंवराथल कथा
8. सारांश
Achalgarh Fort (अचलगढ़ दुर्ग) राजस्थान के सिरोही जिले के माउंट आबू में स्थित एक ऐतिहासिक गिरि दुर्ग है। इसका निर्माण 900 ईस्वी में परमार राजपूतों ने करवाया और 1452 ईस्वी में मेवाड़ के शूरवीर महाराणा कुंभा ने इसका पुनर्निर्माण कराया। सामरिक दृष्टि से यह किला गुजरात से आने वाले आक्रमणों को रोकने का एक सशक्त गढ़ रहा। इतिहास में महमूद बेगड़ा का आक्रमण और अचलेश्वर महादेव मंदिर की प्रतिमाओं का खंडन विशेष रूप से उल्लेखनीय है। लोककथा ‘भंवराथल’ आज भी लोगों की आस्था का प्रतीक है जिसमें कहा जाता है कि देव विग्रह तोड़कर लौटती सेना पर मधुमक्खियों ने हमला कर दिया था। स्थापत्य की दृष्टि से यह किला विशाल प्राचीर, ऊँचे बुर्ज, मन्दाकिनी कुण्ड, कपूर सागर, सावन-भादों झील और राजप्रासाद के भग्नावशेषों से समृद्ध है। अचलेश्वर महादेव मंदिर और Alarm Tower इसे धार्मिक व स्थापत्य दोनों दृष्टियों से अनूठा बनाते हैं। यूनेस्को की Hill Forts of Rajasthan सूची में शामिल यह किला इतिहास, संस्कृति और स्थापत्य कला का अद्भुत मिश्रण प्रस्तुत करता है।
9. मुख्य तथ्य तालिका (Main Facts Table)
तथ्य (Fact) |
विवरण (Detail) |
| स्थान (Location) | माउंट आबू, सिरोही जिला |
| निर्माण (Construction) | परमार राजपूत, 900 ईस्वी |
| पुनर्निर्माण (Renovation) | महाराणा कुंभा, 1452 ईस्वी |
| विशेषता (Feature) | गिरि दुर्ग, सामरिक महत्व |
| प्रमुख स्थल (Major Spots) | अचलेश्वर मंदिर, मन्दाकिनी कुण्ड, Alarm Tower |
10. FAQs
Q1. अचलगढ़ किला कहाँ स्थित है?
यह राजस्थान के सिरोही जिले, माउंट आबू में स्थित है।
Q2. अचलगढ़ किले का निर्माण कब हुआ?
900 ईस्वी में परमार राजपूतों ने करवाया था।
Q3. महाराणा कुंभा ने अचलगढ़ का पुनर्निर्माण कब करवाया?
1452 ईस्वी में।
Q4. अचलगढ़ का सामरिक महत्व क्या था?
गुजरात से आने वाले आक्रमणों से सुरक्षा के लिए।
Q5. भंवराथल की कथा किससे जुड़ी है?
महमूद बेगड़ा के आक्रमण के बाद मधुमक्खियों के झुंड द्वारा आक्रमणकारियों को भगाने से।
Q6. अचलगढ़ दुर्ग किस प्रकार का किला है?
यह एक गिरि दुर्ग (Hill Fort) है।
Q7. अचलेश्वर महादेव मंदिर किसके लिए प्रसिद्ध है?
शिवलिंग और विशाल नंदी प्रतिमा के लिए।
Q8. अचलगढ़ का संबंध यूनेस्को से क्या है?
इसे Hill Forts of Rajasthan विश्व धरोहर में शामिल किया गया है।
Q9. दुर्ग के भीतर कौन-कौन सी झीलें हैं?
सावन-भादों झील, कपूर सागर।
Q10. Alarm Tower का उपयोग क्या था?
आक्रमण की सूचना देने हेतु।
Q11. अचलगढ़ में प्रमुख स्थापत्य अवशेष कौन से हैं?
कुंभा का महल, ओखा रानी महल, प्राचीर, बुर्ज, कुण्ड और मंदिर।
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