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Tomb of Saint Abdullah Pir, Bhagwanpura (Banswara) संत अब्दुल्ला पीर का मकबरा, भगवानपुरा (बाँसवाड़ा)

Tomb of Saint Abdullah Pir, Bhagwanpura (Banswara) संत अब्दुल्ला पीर का मकबरा, भगवानपुरा (बाँसवाड़ा)

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Tomb of Saint Abdullah Pir, Bhagwanpura (Banswara) संत अब्दुल्ला पीर का मकबरा भगवानपुरा, बाँसवाड़ा का प्रसिद्ध दाऊदी बोहरा धार्मिक स्थल है, जहाँ हर वर्ष उर्स का आयोजन होता है।

1. Introduction | परिचय

संत अब्दुल्ला पीर का मकबरा बाँसवाड़ा शहर के पास भगवानपुरा ग्राम में स्थित है।

यह दाऊदी बोहरा संप्रदाय का दूसरा सबसे प्रमुख धार्मिक स्थल माना जाता है।

यहाँ हर वर्ष बोहरा मुसलमान बड़ी संख्या में एकत्रित होते हैं।

2. Location and Importance | स्थान और महत्व

1. स्थान – भगवानपुरा, बाँसवाड़ा, राजस्थान।

2. बाँसवाड़ा शहर से नज़दीकी के कारण तीर्थ स्थल के रूप में प्रसिद्ध।

3. दाऊदी बोहरा समुदाय का प्रमुख धार्मिक और सांस्कृतिक केन्द्र।

3. Architecture and Structure | स्थापत्य और संरचना

मकबरा पारंपरिक इस्लामी स्थापत्य शैली में निर्मित है।

यहाँ संत अब्दुल्ला पीर की मजार स्थित है।

शांत और पवित्र वातावरण श्रद्धालुओं को आकर्षित करता है।

4. Urs Celebration | उर्स का आयोजन

1. प्रतिवर्ष उर्स का भव्य आयोजन होता है।

2. बोहरा मुस्लिम बड़ी संख्या में भाग लेते हैं।

3. धार्मिक कार्यक्रम, कव्वालियाँ और सामूहिक दुआ की परंपरा निभाई जाती है।

5. Religious Significance | धार्मिक महत्ता

दाऊदी बोहरा समुदाय के लिए यह स्थल आस्था का प्रमुख केन्द्र है।

संत अब्दुल्ला पीर की दरगाह पर लोग मन्नतें माँगते हैं।

यह स्थान सांप्रदायिक सद्भाव का प्रतीक है।

सारांश (Summary in Hindi – 150+ words)

संत अब्दुल्ला पीर का मकबरा भगवानपुरा (बाँसवाड़ा) में स्थित है और यह राजस्थान में दाऊदी बोहरा संप्रदाय का दूसरा प्रमुख धार्मिक स्थल माना जाता है। यह मकबरा मुस्लिम संत अब्दुल्ला पीर की स्मृति से जुड़ा हुआ है, जहाँ प्रतिवर्ष भव्य उर्स का आयोजन किया जाता है। इस अवसर पर बड़ी संख्या में बोहरा मुसलमान देशभर से यहाँ एकत्रित होकर धार्मिक अनुष्ठान करते हैं। इस स्थल का महत्व केवल धार्मिक ही नहीं बल्कि सांस्कृतिक दृष्टि से भी है, क्योंकि यहाँ सभी धर्मों के लोग श्रद्धा भाव से आते हैं। दरगाह की वास्तुकला पारंपरिक इस्लामी शैली को दर्शाती है और इसके चारों ओर का वातावरण शांति और आस्था का अनुभव कराता है। इस प्रकार, संत अब्दुल्ला पीर का मकबरा न केवल बोहरा समुदाय के लिए बल्कि सम्पूर्ण राजस्थान की धार्मिक-सांस्कृतिक धरोहर का अभिन्न हिस्सा है।

Facts Table (तथ्य तालिका)

तथ्यविवरण
स्थान भगवानपुरा, बाँसवाड़ा (राजस्थान)
सम्बद्ध संत संत अब्दुल्ला पीर
समुदाय दाऊदी बोहरा संप्रदाय
विशेष आयोजन  प्रतिवर्ष उर्स
महत्व दूसरा प्रमुख बोहरा धार्मिक स्थल

FAQs (अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न)

1. Where is Sant Abdullah Pir’s Tomb located? | संत अब्दुल्ला पीर का मकबरा कहाँ स्थित है?

यह बाँसवाड़ा के भगवानपुरा ग्राम में स्थित है।

2. Which community is mainly associated with this site? | यह स्थल किस समुदाय से जुड़ा है?

यह दाऊदी बोहरा संप्रदाय से जुड़ा है।

3. What is the main festival celebrated here? | यहाँ कौन सा प्रमुख आयोजन होता है?

यहाँ प्रतिवर्ष उर्स का आयोजन होता है।

4. Why is Sant Abdullah Pir’s Dargah important? | संत अब्दुल्ला पीर की दरगाह क्यों महत्वपूर्ण है?

यह दाऊदी बोहरा संप्रदाय का दूसरा प्रमुख धार्मिक स्थल है।

5. Which city is nearest to this Dargah? | इस दरगाह के सबसे नजदीक कौन सा शहर है?

बाँसवाड़ा शहर।

6. What happens during Urs? | उर्स के समय क्या होता है?

बड़ी संख्या में बोहरा मुसलमान एकत्रित होकर धार्मिक अनुष्ठान करते हैं।

7. When was this shrine established? | यह दरगाह कब बनी?

यह संत अब्दुल्ला पीर की स्मृति में बनी, सही निर्माण काल अज्ञात है।

8. What type of architecture is seen here? | यहाँ किस प्रकार की स्थापत्य शैली है?

पारंपरिक इस्लामी स्थापत्य शैली।

9. Who visits this place apart from Bohras? | बोहरा मुसलमानों के अलावा यहाँ कौन आते हैं?

अन्य धर्मों के लोग भी श्रद्धा से यहाँ आते हैं।

10. What does the shrine symbolize? | यह दरगाह किसका प्रतीक है?

यह धार्मिक आस्था और सांप्रदायिक सद्भाव का प्रतीक है।

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