Hazrat Shakkar Peer Baba Dargah नरहड़, झुंझुनूं की प्रसिद्ध दरगाह है जहाँ हर धर्म के लोग श्रद्धा से आते हैं। कृष्ण जन्माष्टमी पर यहाँ विशाल मेला लगता है।
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Toggle1. Introduction (परिचय)
हजरत शक्कर पीर बाबा की दरगाह झुंझुनूं जिले के नरहड़ गाँव में स्थित है।
यह दरगाह शेखावाटी क्षेत्र की सबसे प्रसिद्ध धार्मिक स्थली मानी जाती है।
यहाँ हिन्दू, मुस्लिम और सभी धर्मों के लोग श्रद्धा के साथ आते हैं।
2. Location and Importance (स्थान और महत्व)
1. नरहड़, झुंझुनूं से लगभग 40 किलोमीटर दूर स्थित है।
2. यह स्थल देवरोड़ आहड़ क्षेत्र में आता है।
3. दरगाह का धार्मिक व सामाजिक महत्व सम्पूर्ण भारत में प्रसिद्ध है।
3. Architecture and Structure (स्थापत्य और संरचना)
दरगाह में विशाल बुलंद दरवाजा है जो श्रद्धालुओं को अंदर ले जाता है।
प्रवेश द्वार से होकर आयताकार चौक आता है।
यहाँ एक मस्जिद और कई मज़ारें स्थित हैं।
4. Religious Significance (धार्मिक महत्त्व)
शक्कर पीर बाबा की दरगाह हिन्दू-मुस्लिम एकता का प्रतीक है।
माना जाता है कि यहाँ आने से मानसिक विक्षिप्तता से मुक्ति मिलती है।
यहाँ सभी धर्म-संप्रदायों के लोग बिना भेदभाव के आते हैं।
5. Festivals and Fair (उत्सव और मेला)
हर वर्ष कृष्ण जन्माष्टमी पर यहाँ विशाल धार्मिक मेला आयोजित होता है।
मेले में हजारों श्रद्धालु शामिल होते हैं।
यह मेला सांप्रदायिक सौहार्द और आस्था का प्रतीक है।
6. Rituals and Beliefs (अनुष्ठान और मान्यताएँ)
1. दरगाह में आने वाले श्रद्धालु मानसिक शांति की प्रार्थना करते हैं।
2. मानसिक रोगियों पर पवित्र पट्टी रगड़ी जाती है।
3. विश्वास है कि इससे विक्षिप्तता दूर हो जाती है।
4. दरगाह में चढ़ावा और मन्नतें माँगी जाती हैं।
5. यहाँ हर जाति और वर्ग के लोग एक साथ इबादत करते हैं।
7. सारांश (Summary)
हजरत शक्कर पीर बाबा की दरगाह, नरहड़ (झुंझुनूं) राजस्थान की एक अत्यंत प्रसिद्ध दरगाह है। यह स्थान न केवल शेखावाटी अपितु सम्पूर्ण भारत में आस्था और श्रद्धा का केंद्र माना जाता है। दरगाह के विशाल बुलंद दरवाजे से प्रवेश कर श्रद्धालु मस्जिद और मजारों तक पहुँचते हैं। यहाँ एक विशेष मान्यता है कि मानसिक विक्षिप्तता से पीड़ित व्यक्तियों के शरीर पर पवित्र पट्टी रगड़ने से रोग दूर हो जाता है। इस दरगाह का महत्व इस तथ्य से और बढ़ जाता है कि यहाँ हिन्दू, मुस्लिम और अन्य सभी धर्मों के लोग बिना किसी भेदभाव के आते हैं। हर वर्ष कृष्ण जन्माष्टमी के अवसर पर यहाँ भव्य मेला आयोजित होता है, जिसमें हजारों श्रद्धालु शामिल होते हैं। यह दरगाह धार्मिक सहिष्णुता और सामाजिक एकता का जीवंत उदाहरण प्रस्तुत करती है। स्थापत्य की दृष्टि से भी दरगाह आकर्षक है, जिसमें बुलंद दरवाजा, आयताकार चौक और मस्जिद का निर्माण देखने योग्य है। इस प्रकार नरहड़ की यह दरगाह न केवल धार्मिक आस्था का केंद्र है, बल्कि सामाजिक समरसता और एकता की प्रेरणा भी देती है।
8. Facts Table (तथ्य तालिका)
तथ्य |
विवरण |
| स्थान | नरहड़, झुंझुनूं (राजस्थान) |
| निर्माण काल | 17वीं सदी |
| प्रमुख मेला | कृष्ण जन्माष्टमी |
| विशेष मान्यता | मानसिक विक्षिप्तता दूर होती है |
| महत्व | हिन्दू-मुस्लिम एकता का प्रतीक |
9. FAQs (अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न)
Q1. Hazrat Shakkar Peer Baba Dargah कहाँ स्थित है?
Ans: यह दरगाह नरहड़, झुंझुनूं (राजस्थान) में स्थित है।
Q2. हजरत शक्कर पीर बाबा की दरगाह किस लिए प्रसिद्ध है?
Ans: यह मानसिक विक्षिप्तता से मुक्ति और हिन्दू-मुस्लिम एकता के लिए प्रसिद्ध है।
Q3. दरगाह में कौन सा प्रमुख मेला लगता है?
Ans: यहाँ कृष्ण जन्माष्टमी पर भव्य मेला लगता है।
Q4. दरगाह का स्थापत्य कैसा है?
Ans: इसमें बुलंद दरवाजा, आयताकार चौक और मस्जिद शामिल है।
Q5. यहाँ कौन-कौन आते हैं?
Ans: सभी धर्मों और संप्रदायों के लोग यहाँ आते हैं।
Q6. दरगाह से जुड़ी प्रमुख मान्यता क्या है?
Ans: मानसिक विक्षिप्तता से मुक्ति मिलती है।
Q7. दरगाह का दूसरा नाम क्या है?
Ans: इसे शक्कर पीर बाबा की मस्जिद भी कहा जाता है।
Q8. दरगाह का महत्व किस दृष्टि से है?
Ans: धार्मिक, सामाजिक और सांप्रदायिक एकता की दृष्टि से।
Q9. दरगाह किस जिले में आती है?
Ans: यह झुंझुनूं जिले में आती है।
Q10. यहाँ का ऐतिहासिक महत्व क्या है?
Ans: यह दरगाह 17वीं शताब्दी से आस्था का केंद्र रही है।
