Pandit jhabarmal sharma पं. झाबरमल शर्मा, जसरापुर – पत्रकारिता के भीष्मपितामह एवं इतिहासकार। उनके जीवन, शिक्षा, पत्रकारिता, ऐतिहासिक योगदान और रचनाओं की जानकारी।
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ToggleIntroduction (परिचय)
पं. झाबरमल शर्मा (1888, जसरापुर) हिन्दी पत्रकारिता और इतिहासलेखन के महान स्तंभ थे। उन्हें “पत्रकारिता के भीष्मपितामह” कहा जाता है।
Early Life and Education (प्रारंभिक जीवन और शिक्षा)
जन्म : 1888, जसरापुर
स्वअध्ययन से हिन्दी, संस्कृत, अंग्रेजी में दक्षता
कलकत्ता शिक्षा निकेतन से बंगला, संस्कृत व अंग्रेजी में प्रवीणता
Career in Journalism (पत्रकारिता का योगदान)
पं. दुर्गादास मिश्र से पत्रकारिता सीखी (1905)
‘ज्ञानोदय’, ‘मारवाड़ी बंधु’, ‘भारत’, ‘हिन्दू संसार’ के संपादक रहे
प्रखर और तथ्यपरक लेखन शैली
Historical Research and Writings (ऐतिहासिक अनुसंधान व लेखन)
“इतिहास अनुसंधान गृह” की स्थापना
राजस्थान और शेखावाटी क्षेत्र के इतिहास पर कई ग्रंथ
शोध व प्रमाणिकता पर बल दिया
Major Works (प्रमुख रचनाएँ)
1. सीकर का इतिहास
2. खेतड़ी का इतिहास
3. खेतड़ी नरेश और विवेकानन्द
4. हिन्दी गीता रहस्यसार
5. तिलकगाथा
6. भारतीय गौ-धन
7. श्रीअरविन्द चरित्र
8. शेखावाटी का इतिहास
Legacy and Recognition (विरासत और सम्मान)
उपाधि : पत्रकारिता के भीष्मपितामह
हिन्दी पत्रकारिता और इतिहास लेखन में अद्वितीय योगदान
राजस्थान की सांस्कृतिक चेतना को शब्दों में संरक्षित किया
Facts Table (तथ्य सारणी)
विवरण |
तथ्य |
| जन्म | 1888, जसरापुर |
| शिक्षा | स्वअध्ययन + कलकत्ता शिक्षा निकेतन |
| उपाधि | पत्रकारिता के भीष्मपितामह |
| संपादित पत्र | ज्ञानोदय, मारवाड़ी बंधु, भारत, हिन्दू संसार |
| प्रमुख कृतियाँ | सीकर का इतिहास, खेतड़ी का इतिहास, शेखावाटी का इतिहास |
FAQs (प्रश्नोत्तर)
1. पं. झाबरमल शर्मा का जन्म कब और कहाँ हुआ?
1888, जसरापुर
2. उन्हें किस उपाधि से जाना जाता है?
पत्रकारिता के भीष्मपितामह
3. उन्होंने औपचारिक शिक्षा कहाँ से पाई?
कलकत्ता शिक्षा निकेतन (बंगला, संस्कृत, अंग्रेजी)
4. उनके गुरु कौन थे?
पं. दुर्गादास मिश्र
5. किन पत्रों का संपादन किया?
ज्ञानोदय, मारवाड़ी बंधु, भारत, हिन्दू संसार
6. कौन-सा संस्थान स्थापित किया?
इतिहास अनुसंधान गृह
7. उनकी प्रमुख रचनाएँ कौन सी हैं?
सीकर का इतिहास, खेतड़ी का इतिहास, शेखावाटी का इतिहास
8. खेतड़ी नरेश और विवेकानन्द पुस्तक का महत्व?
स्वामी विवेकानन्द के खेतड़ी प्रवास का ऐतिहासिक विवरण
9. लेखन शैली कैसी थी?
शोधपरक और प्रमाणिक
10. उनकी विरासत किस रूप में याद की जाती है?
पत्रकारिता और इतिहास के स्तंभ
