Festivals of Chaitra Month चैत्र माह के त्यौहार जैसे धुलंडी, गणगौर, नवसंवत्सर, रामनवमी और हनुमान जयंती भारतीय संस्कृति, भक्ति और सामाजिक मेल-जोल का अद्भुत संगम हैं। यहाँ सभी पर्वों का महत्व और परंपराएँ विस्तार से दिए गए हैं।
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Toggleपरिचय (Introduction)
चैत्र मास हिंदू पंचांग का प्रथम महीना है, जो मार्च-अप्रैल के बीच आता है। इस माह को नववर्ष की शुरुआत और शुभता का प्रतीक माना गया है। इसमें धुलंडी, गणगौर, नवसंवत्सर, रामनवमी और हनुमान जयंती जैसे पर्व धार्मिक आस्था और सामाजिक एकता के साथ मनाए जाते हैं।
प्रमुख त्यौहार (Main Festivals)
धुलंडी (Dhulandi – Chaitra Krishna Pratipada)
होली के दूसरे दिन मनाई जाती है।
राख की पूजा और रंग-गुलाल का प्रयोग होता है।
गणगौर पूजन, बसंतोत्सव और स्थानीय मेले (भिनाय की कोड़ा मार होली, बाड़मेर की पत्थर मार होली) इसी दिन शुरू होते हैं।
घुड़ला का त्यौहार (Ghudla Festival – Chaitra Krishna Ashtami)
मारवाड़ क्षेत्र में प्रसिद्ध।
स्त्रियाँ दीपक रखे घड़े को सिर पर लेकर गीत गाते हुए तालाब तक जाती हैं।
अंतिम दिन घड़ा तालाब में विसर्जित कर दिया जाता है।
शीतलाष्टमी (Sheetalashtami – Chaitra Krishna Ashtami)
शीतला माता का पूजन होता है।
एक दिन पहले बने बासी भोजन (बसौड़ा) का भोग लगाया जाता है।
इसे बसौड़ा पर्व भी कहते हैं।
नवसंवत्सर (Nav Samvatsar – Chaitra Shukla Pratipada)
विक्रमी संवत का प्रथम दिन।
ब्रह्मा जी ने इसी दिन सृष्टि रची थी।
महाराष्ट्र में ‘गुड़ी पड़वा’, आंध्र प्रदेश में ‘उगादि’, कश्मीर में ‘नवरेह’।
अरुन्धती व्रत (Arundhati Vrat – Pratipada to Tritiya)
स्त्रियों के सौभाग्य, पुत्र-प्राप्ति और वैधव्य नाश के लिए किया जाता है।
ऋषि वशिष्ठ की पत्नी अरुन्धती के नाम पर।
सिंजारा (Sinjara – Chaitra Shukla Dwitiya)
बेटियों और बहुओं को श्रृंगार सामग्री, मिठाई, साड़ी आदि भेंट करने की परंपरा।
प्रेम और सम्मान का प्रतीक।
– गणगौर (Gangaur Festival – Chaitra Shukla Tritiya)
शिव-पार्वती के अखंड प्रेम का प्रतीक पर्व।
अविवाहित कन्याएँ अच्छे वर की कामना और विवाहित स्त्रियाँ अखंड सौभाग्य की प्रार्थना करती हैं।
जयपुर और उदयपुर की गणगौर विशेष प्रसिद्ध है।
अशोकाष्टमी (Ashokashtami – Chaitra Shukla Ashtami)
अशोक वृक्ष की पूजा की जाती है।
पाप नाश और सुख-समृद्धि हेतु व्रत।
रामनवमी (Ram Navami – Chaitra Shukla Navami)
भगवान श्रीराम का जन्मोत्सव।
सरयू नदी स्नान और रामचरितमानस पाठ।
तुलसीदास ने इस दिन रामचरितमानस की रचना प्रारंभ की।
हनुमान जयंती (Hanuman Jayanti – Chaitra Purnima)
बजरंगबली का जन्मोत्सव।
मंदिरों में हनुमान चालीसा और रामचरितमानस का पाठ।
सारांश (Summary)
चैत्र मास हिंदू पंचांग का प्रथम महीना है और भारतीय धार्मिक एवं सांस्कृतिक दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण है। इस माह के त्यौहार नववर्ष की शुरुआत से लेकर भगवान श्रीराम और हनुमान जी के जन्मोत्सव तक कई तरह की परंपराओं और मान्यताओं को अपने में समेटे हुए हैं।
सबसे पहले आता है धुलंडी, जो होली के अगले दिन मनाई जाती है। इस दिन राख की पूजा की जाती है और रंग-गुलाल से लोग एक-दूसरे को शुभकामनाएँ देते हैं। साथ ही गणगौर पूजन, बसंतोत्सव और कई विशेष मेले भी आयोजित होते हैं।
इसके बाद घुड़ला त्यौहार और शीतलाष्टमी मनाए जाते हैं। घुड़ला मारवाड़ की महिलाओं का विशेष उत्सव है, जबकि शीतलाष्टमी में शीतला माता का पूजन और बसौड़ा खाने की परंपरा है।
नवसंवत्सर चैत्र शुक्ल प्रतिपदा को मनाया जाता है। इसे विक्रमी संवत का प्रथम दिन और हिंदुओं का नववर्ष माना जाता है। इस दिन को अलग-अलग प्रांतों में अलग नामों से मनाया जाता है – महाराष्ट्र में गुड़ी पड़वा, आंध्र प्रदेश में उगादि और कश्मीर में नवरेह।
इसके बाद सिंजारा और गणगौर का पर्व आता है। सिंजारा बेटी-बहू के प्रति सम्मान का प्रतीक है, जबकि गणगौर शिव-पार्वती के अखंड प्रेम और सुहागिन स्त्रियों की मंगल कामना का पर्व है।
अशोकाष्टमी और रामनवमी इस माह की अन्य प्रमुख तिथियाँ हैं। रामनवमी पर भगवान श्रीराम का जन्मोत्सव मनाया जाता है और श्रद्धालु विशेष पूजा-अर्चना करते हैं।
अंततः हनुमान जयंती चैत्र पूर्णिमा को मनाई जाती है, जो बजरंगबली की जन्मतिथि मानी जाती है। इस दिन मंदिरों में हनुमान चालीसा और रामचरितमानस का पाठ किया जाता है।
इस प्रकार चैत्र माह के त्यौहार भक्ति, प्रेम, उत्सव और सामाजिक एकता के अद्भुत प्रतीक हैं।
Facts Table
पर्व |
तिथि |
देवता/व्रत |
विशेषता |
प्रसिद्ध क्षेत्र |
| धुलंडी | चैत्र कृष्ण प्रतिपदा | होलिका | शिव-पार्वती पूजन रंगों का त्योहार, राख की पूजा | राजस्थान, उत्तर भारत |
| घुड़ला | चैत्र कृष्ण अष्टमी | स्त्रियों का अनुष्ठान दीपक वाला घड़ा | विसर्जन | मारवाड़ क्षेत्र |
| शीतलाष्टमी | चैत्र कृष्ण अष्टमी | शीतला माता | बासी भोजन का भोग, बसौड़ा | उत्तर भारत, राजस्थान |
| नवसंवत्सर | चैत्र शुक्ल प्रतिपदा | ब्रह्मा जी सृष्टि रचना | विक्रमी संवत प्रारंभ | सम्पूर्ण भारत |
| गणगौर | चैत्र शुक्ल तृतीया | शिव-पार्वती | सौभाग्य व्रत, गणगौर सवारी | जयपुर, उदयपुर, राजस्थान |
FAQs (Facts-Based – 10)
1. चैत्र मास का पहला प्रमुख पर्व कौन-सा है? → धुलंडी
2. घुड़ला त्यौहार कहाँ प्रसिद्ध है? → मारवाड़ क्षेत्र
3. शीतलाष्टमी को और किस नाम से जाना जाता है? → बसौड़ा
4. नवसंवत्सर किस संवत का प्रारंभ है? → विक्रमी संवत
5. महाराष्ट्र में नववर्ष किस नाम से मनाया जाता है? → गुड़ी पड़वा
6. गणगौर किस देव-दंपति से जुड़ा है? → शिव और पार्वती
7. अशोकाष्टमी पर किस वृक्ष की पूजा होती है? → अशोक वृक्ष
8. रामनवमी पर कौन-सा ग्रंथ रचना आरंभ हुआ था? → रामचरितमानस
9. हनुमान जयंती किस तिथि को मनाई जाती है? → चैत्र पूर्णिमा
10. सिंजारा पर्व का मुख्य भाव क्या है? → बेटी और बहू के प्रति प्रेम
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