Festivals of Ashadha Month आषाढ़ माह के त्यौहार जैसे योगिनी एकादशी, देवशयनी एकादशी और गुरु पूर्णिमा का महत्व, कथाएँ और धार्मिक मान्यताएँ विस्तार से पढ़ें।
Page Contents
ToggleIntroduction (परिचय)
आषाढ़ मास भारतीय पंचांग में ग्रीष्म से वर्षा ऋतु में प्रवेश का संकेत देता है। यह माह व्रत, उपवास और गुरु-भक्ति का विशेष समय है। योगिनी एकादशी, देवशयनी एकादशी और गुरु पूर्णिमा इस माह के प्रमुख पर्व हैं।
Yogini Ekadashi (योगिनी एकादशी)
तिथि: आषाढ़ कृष्णा एकादशी
विवरण: इस एकादशी का व्रत करने से समस्त पाप नष्ट हो जाते हैं।
महत्व: व्रतधारी को रोग, कष्ट और पाप से मुक्ति मिलती है तथा आध्यात्मिक शांति प्राप्त होती है।
Devshayani Ekadashi (देवशयनी एकादशी)
तिथि: आषाढ़ शुक्ला एकादशी
विवरण: इस दिन से भगवान विष्णु क्षीरसागर में अनंत शैया पर शयन करते हैं।
धार्मिक महत्व: चार महीने तक (चातुर्मास) सभी मांगलिक कार्य जैसे विवाह आदि वर्जित माने जाते हैं।
Guru Purnima (गुरु पूर्णिमा / व्यास पूर्णिमा)
तिथि: आषाढ़ पूर्णिमा
विवरण: यह दिन गुरु के प्रति श्रद्धा और आभार व्यक्त करने का दिन है।
धार्मिक महत्व: इसे व्यास पूर्णिमा भी कहते हैं क्योंकि इसी दिन महर्षि वेदव्यास का जन्म हुआ था।
अनुष्ठान: शिष्यों द्वारा गुरु का पूजन, भेंट अर्पण और आशीर्वाद प्राप्त करना।
Significance of Ashadha Month (आषाढ़ माह का महत्व)
यह माह आध्यात्मिक साधना और गुरु-भक्ति का प्रतीक है।
देवशयनी एकादशी से चातुर्मास की शुरुआत होती है।
गुरु पूर्णिमा ज्ञान और शिक्षण की परंपरा को दर्शाती है।
योगिनी एकादशी का व्रत पापों के क्षय और मोक्ष प्राप्ति का मार्ग बनाता है।
Facts Table (तथ्य सारणी)
पर्व / व्रत |
तिथि |
महत्व प्रमुख कार्य लाभ |
| योगिनी एकादशी | आषाढ़ कृष्णा एकादशी | पापों का नाश व्रत, उपवास पापमोचन, शांति |
| देवशयनी एकादशी | आषाढ़ शुक्ला एकादशी | भगवान विष्णु शयन उपवास, पूजा पुण्य, चातुर्मास आरंभ |
| गुरु पूर्णिमा / व्यास पूर्णिमा | आषाढ़ पूर्णिमा | गुरु-पूजन और आभार गुरु पूजा, भेंट ज्ञान, आशीर्वाद |
| चातुर्मास प्रारंभ | देवशयनी एकादशी | मांगलिक कार्यों का वर्जन व्रत और साधना आत्मिक शुद्धि |
| आषाढ़ माह का महत्व | पूरे मास | गुरु-भक्ति और साधना उपवास, दान, पूजा मोक्ष और पुण्य |
FAQs (प्रश्नोत्तर)
1. आषाढ़ माह के मुख्य पर्व कौन से हैं?
योगिनी एकादशी, देवशयनी एकादशी और गुरु पूर्णिमा।
2. योगिनी एकादशी का महत्व क्या है?
यह पापों का नाश करने वाली एकादशी मानी जाती है।
3. देवशयनी एकादशी कब मनाई जाती है?
आषाढ़ शुक्ला एकादशी को।
4. देवशयनी एकादशी को विशेष क्यों माना जाता है?
इस दिन से भगवान विष्णु शयन करते हैं और चातुर्मास की शुरुआत होती है।
5. चातुर्मास का समय कितना होता है?
चार महीने (आषाढ़ शुक्ला एकादशी से कार्तिक शुक्ल एकादशी तक)।
6. गुरु पूर्णिमा को और किस नाम से जाना जाता है?
व्यास पूर्णिमा।
7. गुरु पूर्णिमा का मुख्य महत्व क्या है?
गुरु की पूजा और सम्मान।
8. महर्षि वेदव्यास का जन्म कब हुआ था?
आषाढ़ पूर्णिमा को।
9. चातुर्मास में कौन-से कार्य वर्जित हैं?
विवाह और अन्य मांगलिक संस्कार।
10. आषाढ़ माह की ऋतु कौन-सी है?
ग्रीष्म से वर्षा ऋतु में प्रवेश।
