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राजस्थान के प्रमुख सूर्य मंदिर Sun Temple : सौर सम्प्रदाय और प्राचीन सूर्य उपासना की धरोहर

राजस्थान के प्रमुख सूर्य मंदिर Sun Temple : सौर सम्प्रदाय और प्राचीन सूर्य उपासना की धरोहर

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राजस्थान के प्रमुख सूर्य मंदिर Sun Temple जैसे चित्तौड़ दुर्ग का सूर्य मंदिर, गंगधार, रणकपुर, ओसियां, झालावाड़ और बांसवाड़ा के मंदिर प्राचीन सौर सम्प्रदाय की उपासना, स्थापत्य कला और वैदिक परंपरा के अद्भुत उदाहरण हैं।

1. सूर्य उपासना का वैदिक आधार

सूर्य को अर्घ्य देना पूजा का सबसे प्राचीन और सरलतम तरीका

द्वितीय शती ईसा पूर्व से मूर्तियों का निर्माण

प्राचीन गुफाओं (अनंत गुफा, चन्द्रकेतुगढ़, भाजा गुफाएं, बोध गया, लाला भगत स्तंभ) में सूर्य अंकन

प्रतीक: एक पहिए वाला रथ और चार घोड़े

2. राजस्थान में सूर्य मंदिर परंपरा

राजस्थान के अनेक जिलों में सूर्य उपासना के प्राचीन मंदिर

स्थापत्य कला और वैदिक परंपरा का संगम

कुछ मंदिर अब देवी या अन्य देवताओं को समर्पित माने जाते हैं, किंतु मूल रूप से सूर्य मंदिर

3. प्रमुख सूर्य मंदिर

3.1 चित्तौड़ दुर्ग का सूर्य मंदिर (713 ई.)

अब कालिका माता मंदिर कहा जाता है

प्रमुख भागों में सूर्य प्रतिमाएँ

राजस्थान का प्राचीनतम सूर्य मंदिर

3.2 गंगधार का मंदिर (चित्तौड़, 9वीं शती)

उदयपुर क्षेत्र का उल्लेखनीय मंदिर

स्थापत्य और मूर्तिकला की विशेषता

3.3 रणकपुर का सूर्य मंदिर (ब्राह्मण स्वामी मंदिर)

नगर का प्राचीन नाम ब्राह्मण

यहाँ का सूर्य मंदिर “ब्राह्मण स्वामी मंदिर” कहलाता है

जैन मंदिरों के बीच इसकी अलग पहचान

3.4 झालावाड़ का सूर्य मंदिर

शहर के बीचों-बीच

“सात सहेलियों का मंदिर” और “पद्मनाभ मंदिर” के नाम से भी प्रसिद्ध

कर्नल टॉड ने इसे “चारभुजा मंदिर” कहा

3.5 ओसियां का सूर्य मंदिर (जोधपुर)

ओसियां मंदिर समूह का प्रमुख भाग

स्थापत्य दृष्टि से महत्वपूर्ण

3.6 बुढ़ादीत का मंदिर (कोटा, दीगोद)

स्थानीय मान्यता और स्थापत्य के कारण प्रसिद्ध

3.7 भीनमाल का सूर्य मंदिर (जालौर)

प्राचीन जालौर क्षेत्र की सांस्कृतिक धरोहर

3.8 नगर का सूर्य मंदिर (टोंक)

टोंक जिले के नगर कस्बे में स्थित

स्थानीय स्तर पर विशेष धार्मिक महत्व

3.9 जयपुर और आमेर का सूर्य मंदिर

आमेर किले क्षेत्र के पास प्राचीन उपासना स्थल

स्थापत्य कला और राजपूत कालीन विशेषता

3.10 गलता की पहाड़ी का सूर्य मंदिर (जयपुर)

जयपुर क्षेत्र का धार्मिक स्थल

प्राकृतिक सौंदर्य और आध्यात्मिक महत्व

3.11 सतवास का मंदिर (भरतपुर)

कामां के निकट सतवास गाँव का प्राचीन मंदिर

3.12 तलवाड़ा का मंदिर (बांसवाड़ा)

आदिवासी क्षेत्र का प्राचीन मंदिर

धार्मिक व ऐतिहासिक धरोहर

4. सारांश 

राजस्थान के प्रमुख सूर्य मंदिर भारत की प्राचीन सौर उपासना और स्थापत्य कला की जीवंत धरोहर हैं। वैदिक ऋचाओं पर आधारित सूर्य पूजा का सबसे सरल और प्राचीन तरीका “अर्घ्य” देना है, जो आज भी जीवित परंपरा के रूप में मौजूद है। द्वितीय शती ईसा पूर्व में सूर्य की मूर्तियों का निर्माण शुरू हुआ, जिनमें उन्हें रथ और घोड़ों सहित दर्शाया गया। राजस्थान में इस परंपरा का सबसे प्राचीन उदाहरण चित्तौड़ दुर्ग का सूर्य मंदिर (713 ई.) है, जिसे आज कालिका माता मंदिर कहा जाता है।

इसके बाद गंगधार, रणकपुर, झालावाड़, ओसियां, कोटा, जालौर, टोंक, जयपुर, भरतपुर और बांसवाड़ा में सूर्य मंदिर बने। इन मंदिरों में से कई अब देवी या अन्य देवताओं को समर्पित मान लिए जाते हैं, किंतु मूर्तिकला और शिलालेख यह प्रमाणित करते हैं कि वे मूल रूप से सूर्य मंदिर थे।

ये मंदिर केवल धार्मिक स्थल नहीं, बल्कि सांस्कृतिक धरोहर भी हैं। राजस्थान के सूर्य मंदिरों में स्थापत्य कला, वैदिक परंपरा और स्थानीय मान्यताओं का सुंदर संगम दिखाई देता है।

5. प्रमुख तथ्य (Table)

मंदिर

स्थान

समय

विशेषता पहचान

चित्तौड़ दुर्ग  चित्तौड़  713 ई अब कालिका माता मंदिर
गंगधार  उदयपुर क्षेत्र  9वीं शती  स्थापत्य दृष्टि से उल्लेखनीय
रणकपुर पाली प्राचीन काल ब्राह्मण स्वामी मंदिर
झालावाड़  झालावाड़  मध्यकालीन सात सहेलियों/पद्मनाभ मंदिर
ओसियां  जोधपुर  प्राचीन   मंदिर समूह का प्रमुख 

6. FAQs

Q1. राजस्थान का सबसे प्राचीन सूर्य मंदिर कौन सा है?

चित्तौड़ दुर्ग का सूर्य मंदिर (713 ई.), जिसे आज कालिका माता मंदिर कहा जाता है।

Q2. रणकपुर का सूर्य मंदिर किस नाम से प्रसिद्ध है?

इसे ब्राह्मण स्वामी मंदिर कहा जाता है।

Q3. झालावाड़ का सूर्य मंदिर किन नामों से जाना जाता है?

सात सहेलियों का मंदिर, पद्मनाभ मंदिर और कर्नल टॉड द्वारा “चारभुजा मंदिर”।

Q4. ओसियां किस कारण प्रसिद्ध है?

यहाँ मंदिर समूह है, जिनमें सूर्य मंदिर प्रमुख है।

Q5. बुढ़ादीत का सूर्य मंदिर कहाँ स्थित है?

यह कोटा जिले के दीगोद क्षेत्र में स्थित है।

Q6. भीनमाल का सूर्य मंदिर किस जिले में है?

यह जालौर जिले में है।

Q7. नगर का सूर्य मंदिर कहाँ स्थित है?

यह टोंक जिले के नगर कस्बे में स्थित है।

Q8. जयपुर और आमेर के सूर्य मंदिर की क्या विशेषता है?

ये राजपूत कालीन स्थापत्य और धार्मिक महत्व के कारण प्रसिद्ध हैं।

Q9. गलता की पहाड़ी पर कौन सा मंदिर है?

यहाँ सूर्य मंदिर स्थित है।

Q10. सतवास का सूर्य मंदिर किस जिले में है?

भरतपुर जिले में, कामां के निकट।

Q11. तलवाड़ा का मंदिर कहाँ है?

यह बांसवाड़ा जिले में स्थित प्राचीन सूर्य मंदिर है।

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